बीजेपी नहीं पहले कांग्रेस में जाना चाहते थे एकनाथ शिंदे, अहमद पटेल से मीटिंग भी हुई थी, संजय राउत का दावा क्या

मुंबई: महाराष्ट्र में गुट के नेता ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिंदे-फडणवीस के अयोध्या दौरे की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश से राज्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इन सब के बावजूद यह सरकार किसानों को उनके हाल पर में छोड़कर धर्म के नाम पर पर्यटन पर गई है। इसी बीच संजय राउत ने को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा, ‘पिछले साढ़े तीन साल से बेईमानी और विश्वासघात के बीज बोए जा रहे थे। जब महाराष्ट्र में कांग्रेस की सरकार थी और पृथ्वीराज चव्हाण मुख्यमंत्री थे। तब भी बगावत का प्रयास किया गया था। उस समय भी यह सभी लोग (एकनाथ शिंदे) पार्टी छोड़ने की तैयारी कर रहे थे। बगावत को लेकर इन लोगों की दिवंगत अहमद पटेल से मीटिंग बातचीत भी हुई थी। उनके दिमाग में बेईमानी का पुराना कीड़ा है, यह कोई नई बात नहीं है। नाना पटोले के सवाल पर क्या बोले राउत संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस देश की एक बड़ी पार्टी है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोरात कांग्रेस के बड़े नेता हैं। वह लोग संभाजीनगर में हुई वज्रमूठ सभा के दौरान मंच पर मौजूद थे। हालांकि, नाना पटोले उस सभा में मौजूद नहीं थे। नाना पटोले ने बताया था कि वो सूरत गए थे, उन्हें हाईकमान ने बुलाया था। संजय राउत ने कहा कि अगर वह काम पर गए थे तो मैं इस बारे में क्या कहूंगा? शिंदे-फडणवीस पर भी हमला बोला संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य में बीते 72 घंटों से बेमौसम बारिश का कहर शुरू है। इस वजह से किसानों की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। किसान सरकार की तरफ बड़ी उम्मीद से मदद की आस लगाए बैठे थे। हालांकि, महाराष्ट्र के सीएम और उप मुख्यमंत्री अयोध्या में दौरे पर गए हुए हैं। कांग्रेस और एनसीपी ने भी इस मुद्दे पर एकनाथ शिंदे को घेरा है। हालांकि, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि मैं फील्ड पर उतरकर काम करने वाला सीएम हूं, एसी में बैठकर आदेश देने वाला नहीं हूं। मैं सुबह सात बजे से महाराष्ट्र के उन सभी जिलों के कलेक्टर के संपर्क में हूं। सबको स्पष्ट आदेश दिया है कि वो किसानों से जाकर मिलें और उनको हुए नुकसान का पंचनामा करें। ताकि सभी को उचित मुआवजा दिया जा सके।