पश्चिम बंगाल: नौकरी घोटाले में ममता बनर्जी के मंत्री के खिलाफ ED की छापेमारी, जानिए कौन हैं सुजीत बोस

कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री और टीएमसी नेता सुजीत बोस (Sujit Bose) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्रवाई की है। ईडी ने बोस के कोलकाता स्थित ठिकानों पर छापेमारी की है। सुजीत बोस ममता बनर्जी की सरकार में अग्निशमन मंत्री हैं। उसके खिलाफ ईडी ने यह कार्रवाई नगर निकायों में भर्ती घोटाले के सिलसिले में की है। अभी तक जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार ईडी ने कोलकाता और कुछ बाहरी इलाकों में एकसाथ छापेमारी की है। दिसंबर में भी हुई थी कार्रवाई रिपोर्ट के अनुसार ईडी ने राज्य के अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस के साथ तृणमूल कांग्रेस के नेता और प्रवक्ता तापस राम्य और उत्तरी दमदम नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष सुबोध चक्रवाती है खिलाफ भी कार्रवाई की है। उत्तर 25 परगना जिले के संदेशखाली में ईडी की टीम पर हमले के बाद इस बार अधिक केंद्रीय बलों की मौजूदगी छापेमारी की गई है। तब ईडी की टीम टीएमसी नेता शाहजहां शेख के घर गई थी। पिछले साल 28 दिसंबर को ईडी ने मामले के सिलसिले में शहर के नौ अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की थी। राजधानी शहर के बड़ाबाजार क्षेत्र, काकुरगाछी और ईएम बाईपास में विभिन्न लोगों के कार्यालयों और निवासियों पर छापे मारे गए।सीबीआई ने किया था समन राज्य की नगर पालिकाओं में भर्ती में कथित अनियमितताओं के संबंध में राज्य के अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं के मंत्री को पिछले साल केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने तलब किया था।तब बोस ने दावा किया कि उन्हें सीबीआई से कोई समन नोटिस नहीं मिला और उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि अगर उन्हें कोई नोटिस मिलेगा तो वह जांच एजेंसी के सामने पेश होंगे। उन्होंने आगे उन्हें निशाना बनाने की राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया।? सुजीत बोस मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री हैं। वे पश्चिम बंगाल की बिधाननगर सीट से विधायक हैं। 61 साल के सुजीत बोस का 1 नवंबर, 1962 को कोलकाता में जन्म हुआ था। उनके पास अभी फिलहाल ममता सरकार में फायर डिपॉर्टमेंट के साथ आपातकालीन सेवाओं का (स्वतंत्र प्रभार) है। सुजीत बोस 2011 में पहली बार बिधाननगर से जीते थे। तब से वह लगातार वहां से विधायक हैं। 2021 के चुनावों में उन्होंने बीजेपी की उम्मीदवार सब्यसाची दत्ता को हराया था।