बिजली बिल की वसूली से किसानों में खौफ! बकाया नहीं दिया तो 23 बाइकें की जब्त; 5 ट्रांसफार्मर बंद

Shajapur: मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने 48 करोड़ का बिजली बिल का बकाया वसूलने के लिए सख्त अभियान शुरू करते हुए मंगलवार को किसानों की 23 बाइक और एक कंप्यूटर सेट जब्त कर 5 ट्रांसफार्मर की सप्लाई बिजली बिल जमा न होने तक के लिए बंद कर दिया है. बिजली कंपनी के कार्यपालन यंत्री राजीव पटेल ने बताया कि शुजालपुर उपसंभाग में कुल 1 लाख 13 हजार बिजली उपभोक्ता है, जिसमें से 70 हजार घरेलू और 43 हजार सिंचाई उपभोक्ता है. सभी उपभोक्ताओं पर 48 करोड़ का बिजली बिल बकाया है.

मार्च माह में बिजली कंपनी के शुजालपुर उपसंभाग को 26 करोड़ की वसूली का टारगेट मिला है. 10 हजार से अधिक राशि के बकायेदारों को सूचना पत्र देने के बाद बकाया जमा न करने पर कुर्की की कार्रवाई की जा रही है. मंगलवार को 5 वितरण केंद्रों पर 12 टीम ने कार्रवाई करते हुए 23 मोटरसाइकिल, 1 कंप्यूटर जब्त किया. मौके पर 23 किसानों से 2 लाख 33 हजार की वसूली भी की गई.
वसूली की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी
इस कार्रवाई के बाद भी अपेक्षित वसूली न होने पर ग्राम घटी, ग्राम सिमरोल के 2 और एक ग्रामीण क्षेत्र का ट्रांसफार्मर बंद कर बिजली सप्लाई बाधित कर दी गई है. कार्यपालन यंत्री राजीव पटेल ने बताया कि वसूली की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी तथा किसानों को बिजली का बकाया जमा कर ही असुविधा से बचना होगा, वही शाजापुर जिले में लगातार विद्युत विभाग के द्वारा बकाया बिल राशि जमा नहीं करने वाले पर कार्रवाई की जा रही है. गांव में ग्रामीणों ने बिजली के बिल कई वर्षों से नहीं भरे हैं.

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जिसके कारण विद्युत विभाग को कार्रवाई करनी पड़ रही है. थोड़े दिन पहले शाजापुर मोहन बड़ोदिया क्षेत्र में में भी ऐसे ही कार्रवाई देखने को मिली थी. जहां पर कपड़ों का बिजली का बिल बकाया होने से विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने ग्रामीणों से बिल वसूलने के लिए उनके मोटरसाइकिल जब्त की थी और भी अलग-अलग क्षेत्रों में जबकि की जा रही है. किसी के ट्रैक्टर जप्त किए जा रहे हैं तो किसी की चक्की जब्त की जा रही है.
ग्रामीणों ने नहीं भरा बिजली का बिल
लगातार विद्युत विभाग के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में जाकर लोगों को समझाइश दी गई थी और इन सब चीजों से पहले ही ग्रामीणों को अवगत करवा दिया गया था. सभी को नोटिस भी दे दिए गए थे जिसके बाद भी ग्रामीणों के द्वारा बिजली के बिल नहीं जमा किए.

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