मालदीव को निगल रहा ड्रैगन, सबसे ज्यादा कर्ज चीन का, क्या अपने देश को अगला श्रीलंका बना रहे रहे मुइज्जू?

माले: मालदीव के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू अपनी पहली राजकीय यात्रा के लिए चीन गए हैं। भारत से तनाव के बीच उन्होंने चीन के साथ अपने संबंधों को बढ़ाया है। बुधवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में बोलते हुए मुइज्जू को अपना पुराना दोस्त बताया। तारीफों के पुल बांधकर चीन हिंद महासागर में मालदीव के जरिए निवेश का प्लान बना रहा है। मालदीव में आज एक भारत विरोधी ताकत सत्ता में आ चुकी है, और इसे देखते हुए चीन अपना प्रभाव बढ़ाने में लगा है। हालांकि चीन के साथ जाने में सबसे बड़ा नुकसान मालदीव का है।चीन पहले भी कर्ज के जाल में कई देशों को फंसा चुका है और मालदीव भी अब इसमें फंस रहा है। मालदीव का पड़ोसी श्रीलंका चीन के कर्ज के कारण ही डिफॉल्ट कर गया। मुइज्जू ने अपना पूरा चुनाव ‘इंडिया आउट’ के नाम पर लड़ा। वह भारत को मालदीव की संप्रभुता के लिए खतरा बता चुके हैं। हालांकि उनके राष्ट्रपति बनने के बाद से ही कर्ज बढ़ने की चिंता जताई जा रही है। मुइज्जू चीन से निवेश की अपील कर रहे हैं। हालांकि विश्लेषकों ने कमजोर विकास के बावजूद मालदीव पर और अधिक कर्ज बढ़ने की चेतावनी दी।सबसे ज्यादा कर्ज चीन काऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की ओर से पिछले महीने जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक मालदीव के कुल ऋण का 60 फीसदी चीन डेवलपमेंट बैंक, इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ चाइना से मिला है। एशियन डेवलपमेंट बैंक के मुताबिक मालदीव की आर्थिक वृद्धि 2023 में 7.1 फीसदी है, जो 2022 में 13.9 फीसदी थी। यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस के विजिटिंग विशेषज्ञ नीलांथी समरनायके ने कहा, ‘आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुइज्जू को आगे किसी भी तरह का ऋण लेने से बचना बुद्धिमानी होगी।’मालदीव को मिली चेतावनीअमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट थिंक टैंक के आंकड़ों के मुताबिक 2014 में बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव में शामिल होने के फैसले के बाद से चीनी कंपनियों ने मालदीव में 1.37 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश किया है। मुइज्जू की चीन यात्रा के दौरान 20 समझौतों पर दोनों देशों ने हस्ताक्षर किए। वर्ल्ड बैंक ने अक्टूबर की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी थी कि चीन के साथ उसकी करीबी, समस्या पैदा कर सकती है। क्योंकि महामारी के दौरान घरेलू निवेश में कमी हुई है।