Lionel Messi के फैंस के लिए दोहरी खुशी, FIFA की ट्रॉफी जीतने के बाद रिटायरमेंट का फैसला लिया वापस

फीफा विश्व कप 2022 में अर्जेंटीना की टीम विजेता बनकर उभरी है। इस विश्व कप के फाइनल मुकाबले से पहले ही अर्जेंटीना की टीम के कप्तान और स्टार प्लेयर लियोनेल मेसी ने बड़ा ऐलान किया था जिससे हर फुटबॉल प्रशंसक का दिल टूट गया था। दरअसल फाइनल मुकाबले से पहले मेसी ने ऐलान किया था कि वो विश्व कप के बाद फुटबॉल से सन्यास लेंगे। हालांकि अब विश्व कप ट्रॉफी पर कब्जा करने के बाद रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि लियोनेल मेसी ने फुटबॉल को अलविदा करने का इरादा त्याग दिया है।रिपोर्ट्स के अनुसार लियोनेल मेसी ने कहा है कि वो अभी रिटायरमेंट नहीं लेंगे। मेसी कुछ समय के लिए और भी मैच खेलना चाहेंगे। बता दें कि फीफा विश्व कप फाइनल मुकाबले से पहले मेसी ने आगे फुटबॉल खेलने का विचार त्याग दिया था। वहीं फ्रांस के खिलाफ जीत हासिल कर अर्जेंटीना को विश्व चैंपियन बनाने वाले खिलाड़ी लियोनेल मेसी अब अर्जेंटीना के खेल को आगे तक ले जाना चाहते है। उन्होंने कहा कि विजेता के तौर पर फुटबॉल खेलने की इच्छा अलग ही है।बता दें कि लियोनेल मेसी के नेतृत्व में अर्जेंटीना की टीम ने 36 वर्षों के बाद फीफा विश्व कप की ट्रॉफी पर कब्जा किया है। इससे पहले 1986 में डिएगो मैराडोना के नेतृत्व में अर्जेंटीना की टीम ने फीफा विश्व कप ट्रॉफी जीती थी। मैराडोना के बाद मेसी अर्जेंटीना की टीम को विश्वकप ट्रॉफी जीताने में सफल हुए है। बता दें कि फीफा विश्व कप में बतौर खिलाड़ी लियोनेल मेसी पांचवी बार खेल रहे थे मगर ट्रॉफी जीतने का सपना इस बार पूरा हुआ है।ऐसा रहा था मुकाबलाफीफा विश्व कप का फाइनल मुकाबला 18 दिसंबर को खेला गया जिसमें अर्जेंटीना के मेस्सी के दो गोल और शूटआउट में तीसरे गोल की मदद से अर्जेंटीना ने काइलियान एमबाप्पे की हैट्रिक के बावजूद फ्रांस को हरा दिया। अर्जेंटीना ने 80वें मिनट तक मेस्सी (23वां मिनट) और एंजेल डि मारियो (36वां मिनट) के गोलों के दम पर 2 . 0 की बढत बना ली थी लेकिन एमबाप्पे ने 80वें और 81वें मिनट में दो गोल करके मैच को अतिरिक्त समय तक खिंच दिया।अतिरिक्त समय में मेस्सी ने 108वें मिनट में गोल दागा तो एमबाप्पे ने दस मिनट बाद फिर बराबरी करके मैच को पेनल्टी शूटआउट में खींच दिया। शूटआउट में सब्स्टीट्यूट गोंजालो मोंटियेल ने निर्णायक पेनल्टी पर गोल दागा जबकि फ्रांस के किंग्स्ले कोमैन और ओरेलियेन चोउआमेनी गोल करने से चूक गए।