यूपी में कर्मचारियों को दोहरा तोहफा: मनचाहे तबादले होंगे, रिटायरमेंट के बाद मिलेगा ज्यादा पैसा

लखनऊ: लोकसभा चुनाव के बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही योगी सरकार ने कर्मचारियों को दोहरा तोहफा दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में तबादला नीति पर मुहर लगा दी है। कर्मचारियों के प्रतिवेदन के आधार पर भी तबादले होंगे। तबादले की प्रक्रिया 30 जून तक पूरी करनी होगी। वहीं, रिटायरमेंट के चलते कर्मचारी वेतन बढ़ोतरी से वंचित नहीं होंगे, उसका लाभ भी उन्हें पेंशन और ग्रेच्युटी में मिलेगा।तबादला नीति के तहत समूह क और ख के ऐसे अधिकारी जो जिलों में 3 साल और मंडल में 7 साल पूरा कर चुके हैं उनका तबादला किया जाएगा। विभागाध्यक्ष या मंडलीय कार्यालयों में की गई तैनाती की अवधि को इसमें नहीं गिना जाएगा। मंडलीय कार्यालयों में हालांकि अधिकतम 3 साल के लिए ही किसी को तैनात किया जाएगा। तबादले में सबसे पहले उन्हें हटाया जाएगा जिनकी सेवा अवधि अधिक हो चुकी है। स्वास्थ्य, परिवार या अन्य व्यक्तिगत कारणों से भी अधिकारी-कर्मचारी अनुरोध तबादला मांग सकेंगे। अधिकतम 20% ही तबादले हो सकेंगेसमूह क और ख के अधिकारियों-कर्मचारियों की कुल संख्या के अधिकतम 20% ही तबादले हो सकेंगे। पद के सापेक्ष 10% तबादले विभागाध्यक्ष अपने स्तर से करेंगे। 10% से अधिक तबादला करने पर संबंधित मंत्री की अनुमति लेनी होगी। वहीं, समूह ग और घ में कुल पदों के 10% से अधिक तबादले नहीं हो सकेंगे। सीमा से अधिक तबादलों व 30 जून के बाद तबादलों के लिए सीएम से अनुमति लेनी होगी। समूह ग में एक पटल पर तीन साल पूरा कर चुके कर्मचारियों का पटल परिवर्तन अनिवार्य तौर पर किया जाएगा। कर्मचारियों का तबादला जहां तक संभव हो ऑनलाइन मेरिट आधारित करने के निर्देश दिए गए हैं। दिव्यांग या मंदित बच्चों के अभिभावकों का तबादला ऐसी जगह करने के निर्देश दिए गए हैं जहां से बच्चे के इलाज में सुविधा हो। प्रदेश के 34 जिलों में 100 आकांक्षात्मक ब्लॉक चिन्हित किए गए हैं। यहां पदों को भरना पहली प्राथमिकता होगी। रिटायरमेंट से नहीं फंसेगी वेतन वृद्धिकर्मचारियों को एक दिन पहले रिटायर होने के चलते वेतन वृद्धि का नुकसान अब तक नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के हिसाब से नोशनल वेतन वृद्धि पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के हिसाब से 1 जुलाई को कर्मचारियों की सालाना वेतन वृद्धि होती है। वहीं सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार कर्मचारियों को 1 जुलाई या 1 जनवरी में कोई एक तारीख वेतन वृद्धि के लिए चुनने का विकल्प दिया गया है। बहुत से कर्मचारी 30 जून या 31 दिसंबर को रिटायर हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में 1 जुलाई या 1 जनवरी को होने वाली वेतन वृद्धि का फायदा नहीं मिल पाता। अब कैबिनेट में पेंशन नियमों में बदलाव कर दिया है। नई व्यवस्था में 30 जून या 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले कर्मचारी की पेंशन और ग्रेच्युटी में एक दिन बाद होने वाली वेतन वृद्धि का लाभ भी जोड़ा जाएगा।