क्या अमेरिका के एरिया 51 में रहते हैं एलियन? चौंकाने वाले हैं इस ‘गुप्त अड्डे’ को लेकर किए गए सनसनीखेज दावे

US Aliens: अमेरिका में दक्षिणी नेवादा के बंजर रेगिस्तान के बीच में ग्रूम झील स्थित ‘एरिया 51’ अमेरिकी वायु सेना का एक केंद्र है, लेकिन इस जगह की चर्चा दूसरी दुनिया के प्राणियों (एलियन) और उनकी उड़न तश्तरियों (UFO) से जोड़कर होती रहती है। सीआईए के एक पूर्व एजेंट ने तो अपने जीवन के आखिरी दिनों में यहां तक दावा किया था कि वास्विक है, जहां वह गया था और उसने वास्तव में वहां (दूसरे ग्रह के प्राणी) को देखा था। शख्स ने पहले 1998 और फिर 2013 में दिए गए अपने साक्षात्कारों में एरिया 51 को लेकर चौंकाने वाले दावे किए थे। नवंबर 2022 में कई अंग्रेजी समाचार वेबसाइट्स ने शख्स के इंटरव्यू में किए गए दावों के संबंध नें रिपोर्ट्स प्रकाशित की थी। अब जब भी एरिया 51 की चर्चा होती है तो उस ‘अज्ञात’ पूर्व सीआईए एजेंट के सनसनीखेज दावों पर ध्यान जाना स्वाभाविक है। पुरस्कार विजेता निर्देशक जेरेमी कॉर्बेल ने शख्स के दावों पर ‘ट्रुथ एम्बार्गो द एनोनिमस इंटरव्यू’ नामक फिल्म भी बनाई थी।अमेरिका के एरिया 51 में पूर्व सीआईए एजेंट ने क्या देखा?नवंबर 2022 में प्रकाशित डेली स्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व सीआईए एजेंट ने यूएफओ को प्रत्यक्ष रूप में देखे जाने का दावा किया था और एलियंस के अस्तित्व की पुष्टि की थी। शख्स अपनी असली पहचान को साझा करने के बारे में चिंतित था, इसलिए उसने साक्षात्कार के दौरान केवल ‘अज्ञात’ रूप में अपना परिचय बताया। शख्स ने दावा किया था कि उसने 1957 से 1960 के बीच सीआईए के लिए काम किया था, जहां उसने अमेरिका के दक्षिण पूर्व में एक सैन्य अड्डे पर समय बिताया और जहां उसने भौतिक साक्ष्य का विश्लेषण किया था।पत्रकार लिंडा मौल्टन होवे ने 1998 में उस शख्स का साक्षात्कार लिया था और 11 घंटे के ऑडियो टेप में, जिसमें वह ‘एजेंट केवपर’ नाम से जाना गया, उसने ऐसे रहस्यों को उजागर किया था जिन्हें गोपनीय माना जाता था। उस साक्षात्कार के बाद कथित तौर पर सीआईए ने उसे आगे ऐसा न करने की चेतावनी दी थी, लेकिन 2013 में उसे डर था कि कहीं उसकी मृत्यु न हो जाए, इसलिए वह एक बार फिर उसने इंटरव्यू दिया। इस बार उसने यूएफओ रिसर्चर रिचर्ड डोलन के साथ एरिया 51 को लेकर अपना अनुभव साझा किया।शख्स ने दावा किया था कि उसे एरिया 51 में उन वस्तुओं को देखने के लिए ले जाया गया था, जो कथित तौर पर अमेरिकी सरकार की ओर से पाई और बरामद की गई थीं। शख्स ने दावा किया था कि उनमें एक उड़न तश्तरी भी थी, जो जुलाई 1947 में न्यू मैक्सिको के रोसवेल में दुर्घटनाग्रस्त हुई थी और नीचे उतरी थी।पूर्व CIA एजेंट ने बताया दिखने में कैसा था एलियनशख्स ने दावा किया था उसे एरिया 51 की एस-4 फैसिलिटी में ले जाया गया था, जहां उसने जीवित एलियंस देखे थे। उसने बताया था कि वहां तश्तरी नुमा बनावट वाली जगह में गैरेज जैसे दरवाजों से होते हुए उसे ले जाया गया था। उसने कहा था, ”सबसे पहले वाले में रोसवेल यान था और यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, लेकिन जाहिर है, इसमें मौजूद हर एलियन की मौत हो गई, सिवाय एक-दो के… रोसवेल यान वाकई अजीब था क्योंकि यह बहुत भारी एल्युमिनियम फॉयल जैसा दिखता था… हम इसके बगल में चल सकते थे और पूरी चीज का वजन शायद 150-300 पाउंड होगा।”शख्स ने बताया था, ”एस4 में हमने शव परीक्षण फिल्म देखी और फिर कर्नल ने कहा कि यहां जो मिला है वह यह है कि हम एक ग्रे एलियन का साक्षात्कार कर रहे हैं… हमें नहीं पता था कि हम असली चीज देखने जा रहे हैं, हमने सिर्फ फिल्म देखी थी।” शख्स ने बताया, ”(एलियन की) त्वचा के रंग और मूल रूप से इसके आकार के मामले में यह मानव जैसा नहीं लग रहा था और सिर का आकार सामान्य मानव से अलग था। उन्होंने बताया था, ”उसका मस्तिष्क थोड़ा बड़ा था, नाक बहुत छोटी थी, कान छेद जैसे थे और मुंह बहुत छोटा था।” इस गुप्त अड्डे के भीतर एक गुप्त अड्डा है- वेबमास्टर जोएग अर्नूइंडी 100 डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीआईए ने पहले ही पुष्टि कर दी थी कि एरिया 51 वास्तव में विमानों के लिए एक गुप्त परीक्षण स्थल है, लेकिन इस स्थान पर केंद्रित एक वेबसाइट संचालित करने वाले जोएग अर्नू नामक बेवमास्टर का मानना है कि इस गुप्त अड्डे के भीतर एक गुप्त अड्डा है। जोएग अर्नू की एरिया 51 को लेकर खोज खबर लेने की आदत ने उन्हें कानूनी जांच का सामना करवा दिया। सीबीएस न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 17 नवंबर 2022 को जोएग अर्नू ने बताया था कि सैन्य और संघीय जांचकर्ताओं ने उसके घर पर छापा मारा था, जो उन्हें चुप कराने की कोशिश थी।जोएग अर्नू ने 8 न्यूज नाउ को बताया था, ”वास्तव में गुप्त चीजें हैं। उनके पास ग्रूम झील के ठीक उत्तर में एक पूरी खाली घाटी है और उनके पास पर्वत श्रृंखला है जहां वे अपनी इच्छानुसार किसी भी चीज के साथ खेल सकते हैं। यह वहां फलफूल रहा है, एरिया 51 कहीं नहीं जा रहा है।”इंडी 100 डॉट कॉम की 6 मई 2024 को प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया कि जोएग अर्नु की राचेल और लास वेगास स्थित संपत्तियों पर एफबीआई की ओर से छापेमारी की गई थी, जहां सशस्त्र संघीय एजेंटों ने उसे और उसकी प्रेमिका को दो घरों गन प्वाइंट पर हिरासत में लिया था। डेली मेल की ओर से देखे गए तलाशी वारंट में अर्नु पर षड्यंत्र और रक्षा प्रतिष्ठानों की तस्वीरें खींचने का आरोप लगाया गया।यूट्यूबर ने किया था एरिया 51 में जाने वाले विमान के दुर्घटनास्थल का दौरारिपोर्ट के मुताबिक, अर्नू के दावे हाल के वर्षों में ऑनलाइन साझा की गई कई ‘खोजों’ में से एक हैं, यूट्यूब चैनल ब्रेव वाइल्डरनेस ने सितंबर 2020 में एक वीडियो जारी किया था, जिसमें प्रेजेंटर मार्क विंस ने एरिया 51 में जाने वाले विमान के दुर्घटनास्थल का दौरा किया था और जो वास्तव में माउंट चार्ल्सटन पर समाप्त हुआ था। वीडियो में वह कहते हैं, ”वे (विमान) एक प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए एरिया 51 जा रहे थे, जो कोई और नहीं बल्कि शीत युद्ध में इस्तेमाल किया गया U2 जासूसी विमान था, जो शीत युद्ध में अमेरिकी खुफिया जानकारी के लिए बहुत महत्वपूर्ण था। यह दुश्मन के हाथ न लगे, इसलिए वे यहां आए और जो कुछ बचा था उसे विस्फोट कर दिया।” रिपोर्ट के मुताबिक, उस दुर्घटना में चौदह लोगों की जान चली गई थी और मिशन की गोपनीयता के कारण उनके परिवारों को चार दशक बाद तक सूचित नहीं किया गया था।आखिर क्या है एरिया 51?स्पेस डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, एरिया 51 लास वेगास से 120 मील (200 किलोमीटर) उत्तर-पश्चिम में राहेल और हिको नामक टाउन के पास है। माना जाता है कि ‘एरिया 51’ नाम परमाणु ऊर्जा आयोग के नक्शे पर इस बेस के नाम से लिया गया है। यह नाम जनता के दिमाग में अटका हुआ है लेकिन सेना की ओर से ज्यादातर इसका इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इस क्षेत्र को नेवादा परीक्षण और प्रशिक्षण रेंज परिसर के एक भाग के रूप में 1955 में स्थापित किया गया था। एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड (अब लॉकहीड मार्टिन) की ओर से कर्मचारियों को बेस की ओर आकर्षित करने के प्रयास में इस क्षेत्र को ‘पैराडाइज रेंच’ नाम भी दिया गया था। कितने बड़े क्षेत्र में फैला है बेस?आज बेस और व्यापक नेवादा टेस्ट और ट्रेनिंग रेंज परिसर नेवादा नेशनल सिक्योरिटी साइट (एनएनएसएस) का हिस्सा हैं, सीआईए इसे ग्रूम लेक और होमी एयरपोर्ट के रूप में संदर्भित करता है। हालांकि, साइट की सैटेलाइट इमेजरी प्रतिबंधित थी, लेकिन 2018 से यह बेस गूगल मैप्स पर दिखाई दे रहा है। बेस अपने आप में काफी छोटा है लेकिन इसके चारों ओर प्रतिबंधित क्षेत्र 90,000 एकड़ से ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक, जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सुरक्षा अभिलेखागार की ओर से U-2 जासूसी विमान के इतिहास का विवरण देने वाला सीआईए का एक गोपनीय दस्तावेज प्राप्त किया गया था, जिसके बाद आखिरकार 2013 में अमेरिकी सेना ने एरिया 51 के अस्तित्व को स्वीकार किया।एरिया 51 को लेकर क्या कहती है अमेरिकी वायु सेना?एरिया 51 के संचालन का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन अमेरिकी वायु सेना का कहना है कि यह एक खुला प्रशिक्षण क्षेत्र है और आमतौर पर यह माना जाता है कि यह प्रायोगिक विमान और हथियार प्रणालियों के विकास और परीक्षण का समर्थन करता है। अमेरिकी वायुसेना और सीआईए ने 1955 में मुख्य रूप से लॉकहीड यू-2 विमान के उड़ान परीक्षण के लिए इस स्थल का अधिग्रहण किया था।आसपास बसा है एलियन थीम वाला पर्यटनएरिया 51 के आस-पास का पर्यटन अंतरिक्ष और यूएफओ के शौकीनों के बीच लोकप्रिय है। यहां आपको कई एलियन थीम वाले होटल, बार और चीजों की दुकानें मिल जाएंगी। एरिया 51 स्टेट रूट 375 के पास है। यहां एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल हाईवे यूएफओ के शौकीनों और रोमांच चाहने वालों के लिए एक पॉपुलर रूट है।