क्या सच में कतर की जेल से नेवी के पूर्व अफसरों की रिहाई में शाहरुख खान ने की सरकार की मदद? जानिए सच

नई दिल्ली: कतर में जासूसी के आरोप में सजा काट रहे भारतीय नेवी के पूर्व आठ अफसरों को भारत सरकार ने रिहा करवा दिया। जिसके बाद 7 ऑफिसर भारत भी लौट आए हैं। नेवी के इन पूर्व ऑफिसर की रिहाई पर पूर्व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट करते हुए दावा किया था कि सुपरस्टार शाहरुख खान ने जासूसी के आरोप में पकड़े गए आठ भारतीय नेवी के पूर्व अफसरों की रिहाई में कतर सरकार को मनाने की मदद की थी। सुब्रमण्यम स्वामी के इस दावे का अब बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान की टीम ने खंडन किया है।अफसरों की रिहाई से मिस्टर खान का कोई वास्ता नहीं बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान की टीम ने सोशल मीडिया के जरिए इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि कतर से नेवी के पूर्व अफसरों को रिहा करने में शाहरुख खान का हाथ बताया जा रहा है। हालांकि ऐसा कुछ नहीं है हम साफ करना चाहते हैं कि इसमें उनका कोई हाथ नहीं है। उन अफसरों की रिहाई सरकार की वजह से हुई है इससे मिस्टर खान का कोई वास्ता नहीं है। किंग खान की टीम ने आगे कहा कि डिप्लोमसी और शासन कला हमारे देश के लीडर्स को अच्छे से आती है। मिस्टर खान अन्य भारतीयों की तरह पूर्व नेवी ऑफिसरों के सुरक्षित वापस आने से खुश हैं। क्या कहा था सुब्रमण्यम स्वामी नेदरअसल पीएम मोदी आज दो दिवसीय दौरे पर यूएई पहुंचे हैं। वहां जाने से पहले पीएम मोदी ने ट्वीट किया था कि अगले दो दिनों में मैं विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए संयुक्त अरब अमीरात और कतर का दौरा करूंगा, जिससे इन देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंध और गहरे होंगे। पद संभालने के बाद से यूएई की मेरी सातवीं यात्रा होगी, जो यह दर्शाता है कि हम मजबूत भारत-यूएई मित्रता को कितनी प्राथमिकता देते हैं। पीएम मोदी के इसी ट्वीट पर पूर्व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने लिखा था कि पीएम मोदी को बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान को अपने साथ कतर ले जाना चाहिए क्योंकि विदेश मंत्रालय और एनएसए कतर के शेखों को मनाने में विफल रहे थे, मोदी ने खान से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया, और इस तरह हमारे नौसेना अधिकारियों को मुक्त करने के लिए कतर शेखों से एक महंगा समझौता किया।