धामी कैबिनेट ने यूसीसी ड्राफ्ट को दी मंजूरी, 6 फरवरी को विधानसभा में होगा पेश

रश्मि खत्री, देहरादून: उत्तराखंड सरकार की रविवार को कैबिनेट बैठक में (यूसीसी) ड्राफ्ट को मंजूरी मिल गई है। 6 फरवरी को को विधानसभा सत्र में रखा जाएगा। बैठक में सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत अन्य मंत्रियों ने यूसीसी पर चर्चा की। शनिवार को धामी ने यूसीसी पर चर्चा के लिए कैबिनेट बैठक बुलाई थी, लेकिन इस पर चर्चा नहीं हो पाई थी। मुख्यमंत्री आवास पर शाम 6 बजे कैबिनेट की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें यूसीसी का ड्राफ्ट पेश किया गया। कैबिनेट में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रियों के साथ बिल पर चर्चा की। सोमवार से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में यूसीसी बिल को रखा जाएगा। सीएम आवास पर हुई कैबिनेट की बैठक में यूनिफॉर्म सिविल कोड का प्रस्तुतीकरण किया गया। जिसके बाद मंत्रिमंडल ने बिल को विधानसभा के पटल पर रखे जाने का अनुमोदन दिया। उत्तराखंड में यूसीसी लागू होने से दशकों से चली आ रही कुरीतियों पर विराम लग जाएगा। सभी लोगों को एक समान अधिकार मिल सकेगा। यूसीसी के लिए धामी सरकार ने मई 2022 से कवायद शुरू कर दी थी। जिसके बाद यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए बनाई गई विशेषज्ञ समिति का कार्यकाल चार बार बढ़ाया गया। 26 जनवरी 2024 को समिति का कार्यकाल तीसरी बार खत्म होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर 15 दिन के लिए समिति का कार्यकाल बढ़ा दिया था। 2 फरवरी को यूसीसी का ड्राफ्ट मुख्यमंत्री को सौंप दिया था। 3 फरवरी को हुई कैबिनेट बैठक में यूसीसी पर चर्चा की उम्मीद थी, लेकिन 3 फरवरी की कैबिनेट बैठक में यूसीसी ड्राफ्ट को नहीं रखा गया। रविवार को विशेष रूप से ड्राफ्ट को कैबिनेट की मंजूरी के लिए बैठक बुलाई गई। कैबिनेट की बैठक में ड्राफ्ट का विधायक तैयार कर विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी दे दी गई। आगामी 6 फरवरी को विधानसभा सत्र के दौरान उच्च का विधायक सदन के पटल पर रखा जाएगा। विधानसभा के 300 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू रहेगी5 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के लिए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है। यूनिफॉर्म सिविल कोड का कुछ संगठनों द्वारा विरोध किया जा रहा है, जिसको देखते हुए पुलिस-प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। विधानसभा परिसर के चारों ओर 5 से 8 फरवरी तक के लिए 300 मीटर की परिधि में धारा 144 लागू रहेगी। विधानसभा सत्र के दौरान निर्धारित क्षेत्र में संगठनों और समुदायों के प्रदर्शन गतिविधियों पर पाबंदी रहेगी। 6 फरवरी को यूसीसी और राज्य आंदोलनकारी की 36 आरक्षण के दो विधेयक पेश होंगे। उधर, विपक्ष कांग्रेस ने यूसीसी पर खासतौर पर रणनीति बनाने के लिए मंथन किया है। ड्राफ्ट में क्या हैयूसीसी ड्राफ्ट में सभी धर्मों की लड़कियों की शादी के लिए एक समान आयु रखने के साथ समान कानून लागू करने की सिफारिश की गई है। साथ ही सभी धर्मों में तलाक के लिए एक समान कानून लागू करना शामिल है। बहुविवाह यानी एक से ज्यादा शादी करना और हलाला भी खत्म होगा। पुरुष और महिलाओं को एक समान अधिकार मिलेगा। साथ ही लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने वालों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। माता-पिता को भी बताना होगा। साथ ही पुलिस में भी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।