Ayodhya में बन रहे राम मंदिर में भक्तों की रही है अहम भूमिका, जानें क्यों ये लड़ाई लड़ने वाले कहलाए गए कारसेवक

अयोध्या में भव्य राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को बेहद शानदार समारोह में की जानी है। प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम नई शुरुआत के तौर पर दखा जा रहा है। राम मंदिर के गर्भ ग्रह में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को देखते हुए पूरे देश और दुनिया के राम भक्तों में उत्साह देखने को मिल रहा है। अयोध्या राम मंदिर में भगवान श्रीराम के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख जैसे ही नजदीक आ रही है वैसे ही देश राममय होता जा रहा है।  भगवान राम की कृपा से अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि में 22 जनवरी को राम मंदिर के उद्घाटन का कार्यक्रम होना है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने वाले सभी अतिथियों को उपहारस्वरूप ‘रामरज’ दी जाएगी और उन्हें प्रसाद के रूप में देसी घी से बने मोतीचूर के विशेष लड्डू दिए जाएंगे। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की तारीख नजदीक आने के साथ ही कई चीजें चर्चा में आ गई है। इन्ही में शुमार है एक शब्द कार सेवक, जो लगातार चर्चा में रहा है। ये शब्द तभी से चर्चा में रहा है जब से अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने के लिए दो लाख से अधिक लोग पहुंचे थे। इन सभी लोगों को कार सेवक नाम दिया गया था। इस शब्द का सबसे पहले उपयोग 23 जून, 1990 में किया गया था। आपको बताते हैं कि अयोध्या में विवादित ढांचे को गिराने पहुंचे लोगों को कार सेवक ही नाम क्यों दिया गया था। बता दें कि जो लोग धार्मिक कार्य या किसी संस्था के लिए निस्वार्थ भाव से परोपकार संबंधित काम करते हैं और पैसे भी नहीं लेते हैं उन्हें ही कार सेवक कहा जाता है।कार सेवक आमतौर पर निस्वार्थ भाव से धर्म के लिए काम करने के लिए जाने जाते है। धार्मिक कार्यों से जुड़े और परोपकार के काम करने वालों को आमतौर पर कार सेवक कहा जाता है। वहीं कार शब्द का अर्थ हाथ होता है और सेवक का अर्थ सेवा करने वाला। ऐसे में कार सेवक का मूल अर्थ हाथों से सेवा करने वाला भी होता है। कार सेवक का अर्थ है वो लोग जिन्होंने निस्वार्थ भावना के साथ सेवा की और धर्म की रक्षा के लिए कदम उठाए।  भारत के इतिहास में 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या के विवादित ढांचे को गिराए जाने के दौरान ही ये शब्द चर्चा में आया था। अयोध्या में गिराए गए विवादित ढांचे का जिक्र होने पर आमतौर पर कार सेवक शब्द का भी प्रयोग किया जाता है।