न श‍िमला न मसूरी, पहाड़ों से ज्‍यादा दिल्‍ली में सर्दी… IMD ने बताया आगे क्‍या रहेगा हाल

नई दिल्ली: दिल्‍ली, हरियाणा, पंजाब, यूपी सहित उत्तर भारत में शीतलहर का प्रकोप जारी है। ठंड ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा रखी है। सड़कों पर जगह-जगह अलाव जलते दिख रहे हैं। राजधानी में डलहौजी, शिमला, देहरादून और नैनीताल से ज्यादा सर्दी पड़ रही है। सर्दी के साथ घना कोहरा यातायात के लिए मुश्किल बन गया है। खराब मौसम के कारण ट्रेनें लेट हो रही हैं। विमान समय से उड़ान नहीं भर पा रहे हैं।

दिल्ली में लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को शीतलहर ने कहर बरपाया। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के आयानगर में न्यूनतम तापमान गिरकर 1.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 7 जनवरी से ठंड में थोड़ी कमी दिखनी शुरू होगी। जम्मू-कश्मीर में न्यूनतम तापमान में कुछ सुधार होने से घाटी में भीषण सर्दी से कुछ राहत मिली है।

पहाड़ों से ज्‍यादा दिल्‍ली में सर्दी
दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह डलहौजी (8.7 डिग्री से.), धर्मशाला (5.4 डिग्री से.), शिमला (6.2 डिग्री से.), देहरादून (4.4 डिग्री से.), मसूरी (6.4 डिग्री से.) और नैनीताल (6.5 डिग्री से.) से भी कम है।

उत्तर-पश्चिम भारत और देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में कोहरे की घनी चादर छाई रही। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम के कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर करीब 30 उड़ानों और कम से कम 26 ट्रेनों को दिल्ली पहुंचने में देरी हुई। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास पालम वेधशाला में सुबह साढ़े पांच बजे विजिबिलिटी 200 मीटर दर्ज की गई।

मौसम कार्यालय के मुताबिक, शून्य से 50 मीटर तक विजिबिलिटी ‘बहुत घने कोहरे’, 51 मीटर से 200 मीटर तक ‘घने कोहरे’, 201 मीटर से 500 मीटर तक ‘मध्यम कोहरे’ और 501 मीटर से 1000 मीटर तक दृश्यता ‘हल्के कोहरे’ की श्रेणी में आती है।

दिल्ली में लोधी रोड, आयानगर और रिज मौसम केंद्र में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस, 1.8 डिग्री सेल्सियस और 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 2.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ नारनौल हरियाणा में सबसे ठंडा स्थान रहा। वहीं, पंजाब में सबसे कम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस बलाचौर का रहा। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

राजस्थान में सीकर के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 0.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके बाद चुरू में 1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। घाटी के प्रवेश द्वार काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 5.8 डिग्री सेल्सियस जबकि सीमांत जिले कुवपाड़ा में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कब मिलेगी भीषण सर्दी से राहत?
आईएमडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, हालिया पश्चिमी विक्षोभ के कारण सर्दी से कुछ राहत मिलेगी। पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को शुक्रवार से प्रभावित कर सकता है। मैदानी इलाकों में शीतलहर की घोषणा तब की जाती है, जब न्यूनतम तापमान लुढ़ककर चार डिग्री सेल्सियस पर पहुंच जाए या फिर 10 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे और सामान्य से 4.5 डिग्री कम हो जाए। वहीं, न्यूनतम तापमान के घटकर दो डिग्री सेल्सियस हो जाने या सामान्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस से कम रहने पर ‘भीषण’ शीतलहर की घोषणा की जाती है।

इसी तरह एक ठंडा दिन तब होता है, जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस से कम या इसके बराबर होता है और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस कम होता है। एक अत्यधिक ठंडा दिन तब होता है, जब अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक कम होता है।

गुरुवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो पिछले दो साल में जनवरी में दर्ज सबसे कम तापमान था। इससे दिल्ली में कई हिल स्टेशन के मुकाबले अधिक ठंड रही। शीत लहर का असर पावर ग्रिड पर भी देखा जा रहा है, जिससे बेघरों और जानवरों के लिए चुनौती पैदा हो गई है। आईएमडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सात जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंड से थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं।

एमपी के नौगांव में पारा 0.2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़का
मध्य प्रदेश में भी कड़ाके की ठंड है। इसके कारण भोपाल और इंदौर सहित कुछ जिलों में नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान नौगांव कस्बे में 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश के ज्‍यादातर हिस्सों में सुबह के समय सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कम है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव जलाते भी नजर आए। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य में अगले तीन दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है।