तीन दिन में दो बार दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी के घर दी दस्तक, क्या उनके सवालों से डर गई है सरकार?: कांग्रेस

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा श्रीनगर में दिए गए एक बयान के मामले में दिल्ली पुलिस उनके आवास पर पहुंची। राहुल गांधी के घर दिल्ली पुलिस के पहुंचने पर कांग्रेस पार्टी ने सत्तारूण बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। इस मुद्दे पर दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी नेता अशोक गहलोत और अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रेस से बात की।अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, “16 तारीख को सुबह राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस ने एक नोटिस दिया था। नोटिस में करीब दो पन्नों जितने लंबे प्रश्न पूछे गए थे। भारत जोड़ो यात्रा में जो लाखों लोग राहुल गांधी से मिले उनके संबंध में प्रश्न में मुद्दे उठाए गए थे। नोटिस में कुछ पीड़ितों के बारे में, उनके नाम, वह कहां रहते हैं, उनके साथ क्या वारदात हुई, के बारे में पूछे गए थे।”सिंघवी ने कहा, “यह 16 तारीख को हुआ। दिल्ली पुलिस ने आकर यह नोटिस दिया कि हम आपसे चाहते हैं कि आप इन प्रश्नों के उत्तर दें। यह प्रश्न थे राहुल गांधी के उस बयान के बारे में, जिसमें उन्होंने कहा था कि कई महिलाएं जो मिलती हैं वह घरेली हिंसा की बात करती हैं। बलात्कार की और परिवार में उत्पीड़न की बात करती हैं। इसी विषय में दिल्ली पुलिस ने उन महिलाओं के नाम और जगह के बारे में पूछा है।”कांग्रेस नेता ने कहा, “आज फिर यानी 19 तारीख को सुबह वही प्रश्न वापस पूछने के लिए दिल्ली पुलीस की टीम नया नोटिस लेकर आई। बाकी चीजें हम दिल्ली पुलिस को लिखित रूप से देंगे। हमने उनसे आज कहा कि यह एक बहुत ही विचित्र पहलू है, नया आयाम बनाया गया है। उत्पीड़न का, प्रतिशोध की राजनीति का, धमकाने और धमकी की राजनीति का। करीब चार हजार किलोमीटर की यात्रा, 12 प्रदेशों, दो केंद्र शासित प्रदेशों से होकर यह यात्रा गुजरी। इस दौरान राहुल गांधी लाखों लोगों से मिले। यह यात्रा 140 दिन तक चली। उसके विषय में तीन दिन में दो बार आना और प्रश्न पूछना कि वह कौन सी महिलाएं थीं, कब और उनके साथ क्या हुआ। हम सभी को लगा, हमने पुलिस टीम से भी कहा कि जरा बताएंगे कि कितने ऐसे राजनीतिक अभियानों को लेकर ऐसे प्रश्न अपने पूछें हैं। सत्तारूण पार्टी या फिर किसी अन्य पार्टी से। यह अगर राजनीति प्रतिशोध नहीं है तो और क्या है?”अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, “जब नेता एक राजनीतिक अभियान करते हैं तो हर पक्ष के लाखों लोग उसेके सामने आते हैं। कई लोगों की अलग-अलग शिकायतें होती हैं। कई लोगों के अलग-अलग दस्तावेज होते हैं। कई लोगों की अलग-अलग भावनाएं होती हैं। उन सबको सुनना पड़ता है। जहां संभव होता है, जो लोग साथ चल रहे होते हैं, उनसे कहा जाता है कि आप इस मामले में ध्यान दें। कोई भी नेता हर व्यक्तिगत शिकायत के बारे में यात्रा रोककर कोई एक्शन नहीं लेता है। न लेना संभव है ना ही यह बात किसी के दिमागत में आती है। आज तक 70 से 75 सालों में इस तरह के बेहूदे प्रश्न पुलिस या किसी फोर्स ने किसी अभियान को लेकर नहीं पूछे हैं।”उन्होंने कहा, “जिस वक्तव्य का संज्ञान लिया गया है वह राहुल गांधी के 30 जनवरी के श्रीनगर में दिए गए बयान को लेकर है। 30 जनवरी के श्रीनगर के वक्तव्य के बारे में दिल्ली पुलिस 45 दिनों बाद जगी है। 45 दिन बाद जगने के बाद दिल्ली पुलिस तीन दिन में दो बार राहुल गांधी के यहां पहुंच गई। उन्हें अब बहुत जल्दी है। 45 दिन तक कोई प्रश्न नहीं पूछा। यह कोई भी समझ सकता है कि अचानक दिल्ली पुलिस इतना अलर्ट क्यों हो गई। क्या राहुल गांधी जो संसद में सवाल पूछते हैं, क्या उससे अचानक दिल्ली पुलिस उनके यहां पहुंच गई है? राजनीति को किस स्तर तक गिरा दिया गया है, यह पूरा देश देख रहा है।”कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रेस से बात करते हुए केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी पर जमकर हमला बोला है। गहलोत ने कहा “बगैर ऊपर के इशारे के दिल्ली पुलिस इस प्रकार की साहस करे यह संभव नहीं है। आपने कोई शिकायत की नहीं है। अखबर में क्या खबर आई है। राहुल गांधी ने यात्रा के दौरान अपनी बात कही उसको लेकर इस तरह से पुलिस एक्शन में आ जाए। सालों के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा होगा। किस आधार पर केस दर्ज कर आप पूछताछ एक राष्ट्रीय नेता से शुरू कर रहे हैं। मैं इस कार्रवाई की निदां करता हूं। मैं इतना कह सकता हूं कि इंदिरा जी के बाद जनता पार्टी की जो सरकार आई थी वह भी इसी तरह की हरकतों पर उतर गई थी, उन्हें भी जनता ने करारा जवाब दिया था और साल 1980 में इंदिरा गांधी भारी महुमत से चुनाव जीती थीं।” गहलोतं ने कहा, “आज का जो घटनाक्रम है, यह कल्पना के बाहर है। आप किस प्रकार से बिना किसी कारण के तीन दिन के अंदर वापस आकर पूछताछ कर रहे हैं। जबकि राहुल गांधी कह चुके थे कि वह 8 से 10 दिन कर अंदर मैं जवाब दे दूंगा। उसके बाद में आखिर क्या जरूरत पड़ गई की आज अचानक पुलिस की टीम वहां पहुंच गई? हिटलर भी बहुत लोकप्रिय हुआ था बाद में ही जर्मनी का बुरा हाल हुआ था, आज जो ED,CBI का तांडव मचा रखा है न्यायतंत्र दबाव में है तो क्या लोकतंत्र खतरे में नहीं है? न्यापालिका दबाव में है। चाहे सीजीआई कुछ भी कह दें। दबाव में हईकोर्ट भी है, ऊपर भी और नीचे भी हैं, दुनिय इस बात को जानती है। चुनाव आयोग दबाव के अंदर काम कर रहा है। फिर लोकतंत्र कहां रहा और कैसे रहेगा? अगर यह बात कोई बोलता है तो इन्हें तकलीफ क्यों होती है? कितने पत्रकार, लेखक, साहित्यकार जेलों में बंद रहे हैं या जेलों में बंद हैं। कोई सोच सकता है। पूरा देश भयभीत है, तनाव में है।”गहलोत ने कहा, “राहुल गांधी का मुद्दा, महंगाई का मद्दा था, बेरोजगारी का था, अहिंसा का था। उन्होंन क्या बुरी बात कही। गरीब और अमीर के बीच खाई बढ़ती जा रही है। इन मुद्दों को जनता ने स्वीकार किया कि यह मुद्दे बहुत अहम हैं। हिंदू-मुस्लिम के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। यह कब तक करते रहेंगे। आखिरकार जनता समझ जाएगी कि इनकी कथनी और करनी में अंतर है। झूठे वादे करके यह सत्ता में आ गए। जिस प्रकार से देश में हालात बने हैं। वह देशवासियों के दिलो-दिमाग के अंदर चिंता पैदा कर रहे हैं। हालात बहुत गंभीर बनते जा रहे हैं।”कांग्रेस नेता नेता ने कहा, “दिल्ली पुलिस इस प्रकार की हरकत पर पहुंच गई है। मैं नहीं मानता कि दिल्ली पुलिस खुद आगे बढ़कर ऐसी पहल कर सकती है। कोई कारण ही नहीं लगता है। हम लोग यात्रा करते हैं। मैं मुख्यमंत्री हूं अगर मैं 100 किलोमीटर की यात्रा करूंगा तो यात्रा में मुझे फरियादी मिलेंगे। किसी का कम होगा। किसी के साथ अन्याय हुए होगा, अत्याचार हुए होगा, उत्पीड़न हुए होगा। वह कहेगा कि मेरा काम नहीं हुआ, अगर लोग इस तरह की शिकायतें करते हैं तो जनता के हित में मुझे बताना पड़ेगा कि आज माहौल क्या है। अगर राहुल गांधी जी साढ़े तीन हजार किलोमीटर पैदल चलने के बाद देश के हालात बताते हैं तो उसको लेकर आप केस दर्ज कर लेंगे?”