एकनाथ शिंदे समेत शिवसेना के 16 विधायकों की अपात्रता पर आज आएगा फैसला

मुंबई: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत शिवसेना के 16 विधायकों के खिलाफ दल बदल कानून के तहत हुई लंबी सुनवाई के बाद बुधवार शाम तक विधानसभा अध्यक्ष अपना फैसला सुनाएंगे। लेकिन इससे पहले ही शिवसेना का उद्ध‌व गुट एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। उद्ध‌व ठाकरे गुट ने फैसले से तीन दिन पहले मुख्यमंत्री के बंगले पर स्पीकर और मुख्यमंत्री की मुलाकात को सुप्रीम कोर्ट के ध्यान में लाने के लिए प्रतिज्ञा पत्र दाखिल किया है। उद्धव गुट ने इस मुलाकात को ‘जज की आरोपी के घर जाकर मुलाकात’ कहा है और इस मुलाकात से फैसले की निष्पक्षता के प्रभावित होने की आंशका जताई है। शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्ध‌व ठाकरे ने मंगलवार को मातोश्री में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। उद्ध‌व ने कहा, ‘अगर न्यायाधीश (नार्वेकर) फैसला देने से पहले आरोपी से मिलने उसके घर जाते हैं, तो हमें न्यायाधीश से क्या उम्मीद करनी चाहिए।’गुप्त मुलाकात पर अपत्ति उधर, शरद पवार ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में फैसले से पहले स्पीकर और मुख्यमंत्री के बीच हुई गुप्त मुलाकात पर अपत्ति जताई। पवार ने कहा, ‘साधारण सी बात है, जिनके खिलाफ केस है और जिनको फैसला सुनाना है, उनका उनके घर जाना शक तो पैदा करता ही है।’ शरद पवार ने कहा,‘पद की गरिमा बनाए रखने की जिम्मेदारी स्पीकर की है। वे इस मुलाकात को फैसले तक टाल सकते थे।’नार्वेकर ने दिया जवाबउद्धव ठाकरे और शरद पवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘इस तरह के आरोप केवल दबाव बनाने के लिए लगाए जा रहे हैं। स्पीकर किस काम के लिए मुख्यमंत्री से मिल सकते हैं, एक पूर्व मुख्यमंत्री को यह पता होना चाहिए। फिर भी वह आरोप लगा रहे हैं, इसके पीछे का मकसद स्पष्ट है। एक विधायक के रूप में मेरे विधानसभा क्षेत्र के भी काम होते हैं। मुख्यमंत्री के साथ मेरी बैठक 3 तारीख को निर्धारित थी। लेकिन मैं कोरोना से संक्रमित था, इसलिए नहीं मिल सका। मुझे कोलाबा पुल के बारे में चर्चा करनी थी। दक्षिण मुंबई की आठ सड़कों का मुद्दा था। मैंने इन सभी मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी।’