राजस्थान: ईआरसीपी को लेकर हुये समझौता को सीपी जोशी ने ऐतिहासिक करार दिया

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सीपी जोशी ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के संबंध में हुये समझौते को ‘‘ऐतिहासिक’’ करार देते हुए सोमवार को कहा कि यह राजस्थान और मध्य प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
जोशी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘राज्य में‘डबल इंजन’ की सरकार बनने के बाद दोनों सरकारों के बीच समझौता और एक ऐतिहासिक निर्णय हुआ है। इस समझौते से 20 वर्षों से चल रहे विवाद का खात्मा हुआ। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना (ईआरसीपी)राजस्थान और मध्य प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।’’
पार्टी के बयान के अनुसार जोशी ने कहा कि चुनाव के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश की जनता से जो वादा किया था उसे पूरा किया है। यही कारण है कि देश की जनता को मोदी की गारंटी पर पूरा भरोसा है।
ईआरसीपी की संयुक्त परियोजना रपट (डीपीआर) बनाने को लेकर रविवार को नयी दिल्ली में केंद्र सरकार, राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
जोशी ने कहा कि नदियों के पानी का सदुपयोग करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। ईआरसीपी में पानी के बंटवारे को लेकर समझौता होने से दोनों राज्यों के 26 जिलों को लाभ मिलेगा।
प्रदेश कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल भी मौजूद रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार द्वारा 2016 में बनाई गयी ईआरसीपी का समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिबद्धता का परिणाम है।’’
राजे ने एक बयान में विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा उनकी इस परियोजना को पूरा करेंगे और राजस्थान को अपने हितों के अनुरूप पूरा पानी मिल सकेगा।