छिंदवाड़ा में 2 घंटे तक चला गाय का ऑपरेशन, पेट से निकाली 12 किलो पॉलीथिन

गौ माता की दुर्दशा देख ऐसा लगता है, जैसे नेताओं को केवल राजनीति करते वक्त और वोट बैंक की खातिर ही ‘गाय’ की याद आती है. मध्य प्रदेश के छिदवाड़ा की सड़कों पर गायों की दुर्दशा बेहद दयनीय है. आमजन की गलतियों की सजा भोग रहीं गायों से नेताओं या आमजन को कोई लेना देना ही नहीं है. शहर की जनता प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग कर इधर-उधर फेक रही है. इसी पॉलीथिन को खाकर गौ माता काल के गाल में समा रही हैं. इसके बाबजूद भी न तो जनता और न ही नेता गायों की सुध लेते नजर आ रहे हैं. न ही अपनी हरकतों पर जनता सुधार ला रही है.
छिंदवाड़ा में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक 6 साल की गाय के पेट से लगभग 12 किलो पॉलीथिन सर्जरी कर निकाली गई है. पेट मे पॉलीथिन होने की वजह से यह गाय बहुत पीड़ा में थी. अगर वक्त रहते इसकी सर्जरी नही की जाती, तो इसकी मौत भी हो सकती थी. हालांकि सर्जरी के बाद अब गाय स्वस्थ है और पशु चिकित्सको की निगरानी में है.
गाय को हो रही थी अधिक पीड़ा
रविवार को नगर पालिका परासिया से एक 6 वर्षीय बीमार गाय गौशाला भेजी गई थी, जिसका चेकअप करने के बाद उमरेठ में पदस्थ पशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अंकित मेश्राम ने पाया कि यह गाय काफी बीमार हो चुकी है. इसे मल व पेशाब त्यागने में भी अत्यधिक पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है. ऐसी स्थिति में गाय द्वारा कुछ आहार भी ग्रहण नहीं किया जा रहा है. गाय की इस दुर्दशा का कारण पेट मे बड़ी मात्रा में मौजूद पॉलीथिन थी.
गाय की ऐसी स्थिति देख डॉक्टर अंकित मेश्राम द्वारा सर्जरी का फैसला लिया गया. लगभग 2 घण्टे की कठिन सर्जरी के बाद डॉक्टर अंकित व उनकी टीम ने गाय के पेट से लगभग 12 किलो पॉलीथिन निकाली और गाय का समुचित उपचार कर उसे अपनी मॉनीटिरिंग में रखा. फिलहाल गाय स्वस्थ है और आहार भी ले रही है.
ऑपरेशन के बाद गाय को रखा गया मॉनिटरिंग में
पशुपालन विभाग छिन्दवाड़ा के उपसंचालक डॉक्टर एच.जी. एस. पक्षवार ने बताया कि गाय की चारे की थैली में पॉलीथिन मौजूद हो जाने से गाय बीमार हो गई थी. पेट भी फूल गया था. ऐसी स्थिति में उसे पेशाब व मल त्यागने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. ऑपरेशन कर पॉलीथीन को निकाल दिया गया है. गाय को समुचित उपचार देकर उसे मॉनिटरिंग में रखा गया है. फिलहाल गाय पूर्ण रूप से स्वस्थ है. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर गाय के पेट से पॉलीथिन नहीं निकाली जाती तो कुछ दिनों बाद गाय की मौत भी हो सकती थी. डॉक्टर पक्षवार ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि हो सके तो पॉलीथिन का प्रयोग न ही करें.