देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ्तार, 4 महीने बाद 700 से ज्यादा नए केस मिले, इन 6 राज्यों में बढ़ा खतरा, अलर्ट जारी

देश में एक बार फिर कोरोना वायरस ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में आपको सावधान रहने की जरूरत है। आंकड़ों पर नजर डालें तो चार महीने के बाद संक्रमण के 700 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। एक दिन में कोरोना वायरस के 754 नए केस दर्ज किए गए हैं। इससे पहले देश में पिछले साल 12 नवंबर को संक्रमण के 734 मामले दर्ज किए गए थे। देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4,46,92,710 हो गई है। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 4,623 पर पहुंच गई है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, कर्नाटक में संक्रमण से एक मरीज की मौत के बाद देश में संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 5,30,790 हो गई है। देश में कोरोना मृत्यु दर 1.19 फीसद है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.80 प्रतिशत है।देश में एक हफ्ते में कहां कितने मामले बढ़े?अंड़कों के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ हफ्तों में संक्रमण के मामले में बढ़े हैं। 8 मार्च तक एक हफ्ते में कुल 2,082 मामले दर्ज किए गए और 15 मार्च तक यह मामले बढ़कर 3,264 हो गए।महाराष्ट्र में एक हफ्ते में संक्रमण के मामले 355 से बढ़कर 668 हो गए। गुजरात में एक हफ्ते में कोविड-19 के मामले 105 से बढ़कर 279 हो गए। तेलंगाना में संक्रमण के मामले एक हफ्ते में 132 से बढ़कर 267 हो गए हैं। तमिलनाडु में इस दौरान मामले 170 से बढ़कर 258 हो गए हैं। केरल में एक हफ्ते में कोरोना वायरस के मामले 434 से बढ़कर 579 हो गए हैं। कर्नाटक में इस दौरान संक्रमण के मामले 493 से बढ़कर 604 हो गए हैं।देश के इन 6 राज्यों में बढ़ा खतरा, अलर्ट जारीकोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने गुरुवार को 6 राज्यों, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक से जोखिम आकलन-आधारित रुख अपनाने को कहा। इन राज्यों को लिखे पत्र में कहा गया है, “कुछ राज्य हैं, जहां बड़ी संख्या में मामले आ रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि संक्रमण का संभावित स्थानीय प्रसार हो रहा है।”इन राज्यों को कोरोना की स्थिति का निरीक्षण करने और बीमारी के तत्काल और प्रभावी प्रबंधन के लिए जरूरी उपायों के क्रियान्वयन, स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी विभिन्न परामर्श का प्रभावी रूप से अनुपालन सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी गई है। केंद्र सरकार ने कहा है कि संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए जोखिम आकलन-आधारित रवैया अपनाने की जरूरत है।