कांग्रेस का राहुल यान 20 साल से लांच ही नहीं हो रहा है : राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘‘कांग्रेस का राहुल यान 20 साल से लांच ही नहीं हो पाया है।’’
भाजपा की ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ का नीमच से हरी झंडी दिखाने आए सिंह ने कहा, ‘‘कांग्रेसी समझ गए हैं कि अकेले भाजपा को हरा नहीं सकते, इसलिए उन्होंने कई पार्टियों को मिलकर एक कुनबा (विपक्षी गठबंधन) बना लिया है और उसका नाम रख दिया ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस)।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत चांद पर पहुँच गया है, मंगल ग्रह की यात्रा कर रहा है, हम सूर्य के नजदीक पहुँच रहे हैं। आज सारे विश्व में इसकी सराहना हो रही है। हम चांद और सूर्य तक पहुँच रहे हैं लेकिन कांग्रेस का ‘राहुल यान’ 20 साल से आज तक लांच ही नहीं हो रहा है।’’
सिंह ने कहा, ‘‘ये लोग सनातन को समाप्त करने की बात कर रहे हैं। हमारे यहां सर्प को भी दूध पिलाकर उसके दीर्घजीवी होने की कामना करते हैं। सनातन धर्म में जात, पंथ एवं धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है, लेकिन कांग्रेस के एक घटक (द्रविड़ मुनेत्र कषगम) के नेता ने सनातन धर्म के खिलाफ जो टिप्पणी की है क्या कांग्रेस को ऐसे घटक से अलग नहीं हो जाना चाहिए?’’
उन्होंने देश की जनता से कहा, ‘‘सनातन धर्म का विरोध करने वालों को वोट के माध्यम से मुँह तोड़ जवाब देना चाहिए।’’
विपक्षी गठबंधन का नाम ‘इंडिया’ रखे जाने पर सिंह ने कहा, ‘‘हम लोगों ने भी एक बार ‘शाइनिंग इंडिया’ का नारा दिया था.. हम लोग (लोकसभा चुनाव) हार गये थे और आपने (विपक्षी दल) यदि ‘इंडिया’ का गठन कर लिया है, तो आपकी हार तय है।’’
हाल ही में बना विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ 28 दलों का समूह है।
उन्होंने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म के बारे में अपमानजनक टिप्पणी किए जाने के बाद कांग्रेस को इस पार्टी से नाता तोड़ लेना चाहिए या उसकी टिप्पणी के लिए लोगों से माफी मांगनी चाहिए।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के पुत्र व राज्य के युवा कल्याण मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने एक टिप्पणी में आरोप लगाया कि सनातन धर्म समानता और सामाजिक न्याय के खिलाफ है और इसे खत्म किया जाना चाहिए।
उन्होंने सनातन धर्म की तुलना कोरोना वायरस, मलेरिया और डेंगू बुखार से की और कहा कि ऐसी चीजों का विरोध नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इन्हें नष्ट किया जाना चाहिए।
वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस ने एक कुनबा जोड़ा है, जिनके नेता सनातन धर्म को खत्म करने की बात कहकर हिंदू धर्म का अपमान कर रहे हैं। क्या इस तरह के गठबंधन देश का भला कर सकते हैं। सोनिया गांधी जी क्या सनातन को खत्म करने के लिए ही आपने गठबंधन बनाया है?’’
चौहान ने आगे कहा, ‘‘सनातन को कोई खत्म नहीं कर सकता, लेकिन सनातन को समाप्त करने वाले जरूर समाप्त हो जाएंगे।’’
इस अवसर पर रक्षा मंत्री सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री चौहान की खूब तारीफ भी की।
सिंह ने कहा, ‘‘जन आशीर्वाद यात्रा आज नीमच से प्रारंभ हो रही है। मेरे भाइयों बहनों, हमारे प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री चौहान को आपका आशीर्वाद चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘शिवराज सिंह चौहान राजनीति के धोनी हैं यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी। शुरुआत कैसी भी हो लेकिन अच्छा फिनिश देकर वह मैदान जीतना जानते हैं। शिवराज ने लोगों की सेवा की है, इसलिए उन्हें जनता का विश्वास प्राप्त होता है।’’
सिंह ने कहा, ‘‘कभी बीमारू राज्य के रूप में पहचान रखने वाले मध्य प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का काम मुख्यमंत्री चौहान ने किया।’’ उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में भाजपा संगठन को पार्टी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने जिस तरीके से मजबूत बनाया है, उनके नेतृत्व में भाजपा की बहुत बड़ी विजय इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में होगी।
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आगे बढ़ रहा है, इसमें मध्य प्रदेश का भी बहुत बड़ा योगदान है। 2003 से पहले मध्य प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 71,594 करोड़ थी, जो आज 13.82 लाख करोड़ हो गई है, जबकि देश की अर्थव्यवस्था में मध्य प्रदेश का योगदान लगभग 3 प्रतिशत था, जो आज बढ़कर 4.8 प्रतिशत हुआ है।
उन्होंने कहा कि जो भारत पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था के आकार में 10 नंबर पर था वो भारत आज 5वें स्थान पर आ गया है, मोदी जी के नेतृत्व में ये करिश्मा हुआ है।
सिंह ने मध्य प्रदेश में डेढ़ साल (17 दिसंबर 2018 से 23 मार्च 2020 तक) के लिए बीच में आए कमलनाथ ने भाजपा सरकार की जनहित की योजनाओं को बंद कर दिया और केन्द्र की योजनाओं को बाधित किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर चुनाव में गरीबी हटाओ का नारा देती रही, लेकिन गरीब गरीब रहता चला गया। लेकिन नीति आयोग की रिपोर्ट आई है जिसमें कहा गया है कि मोदी के प्रधानमंत्री रहते हुए 13.50 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ गए हैं।