हिमाचल की नैना देवी सीट पर कांग्रेस की पकड़ मजबूत, भाजपा अंतर्कलह से परेशान

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी बिसात बिछने लगी है, मौजूद विधायकों के साथ ही राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और प्रतिनिधि चुनाव प्रचार में कूद चुके हैं. हिमाचल प्रदेश की पंजाब से सटी सीट नैना देवी पर भी नेताओं ने चुनावी समर में जौहर देखाने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है. मौजूदा समय में इस सीट से कांग्रेस नेता रामलाल ठाकुर विधायक हैं, पिछले कई महीनों से वह तेजी से चुनाव प्रचार कर रहे हैं. इससे उलट इस सीट से विधायक रह चुके बीजेपी नेता रणधीर शर्मा पार्टी की अंतर्कलह से परेशान है, उन्हें अपनी ही पार्टियों के नेताओं का विरोध झेलना पड़ रहा है. रणधीर शर्मा 2012 में भाजपा के टिकट पर विधायक बने थे, उन्हें उम्मीद है कि इस चुनाव में भी मतदाता उनका ही साथ देंगे.
नैना देवी सीट का समीकरण
हिमाचल प्रदेश की नैना देवी विधानसभा सीट उन चुनिंदा सीटों में शामिल है, जो तकरीबन हर बार उम्मीदवार बदल देती हैं, वर्तमान में इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा है, 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल ठाकुर ने यहां जीत दर्ज की थी, उन्हें इस चुनाव में 49.62 % मत मिले थे, जबकि बीजेपी के रणधीर शर्मा को 45.66% मत मिले थे. वहीं नैना देवी सीट पर 2012 में बीजेपी के रणधीर शर्मा को जीत मिली थी. 2007 में बीजेपी प्रत्याशी ने यहां जीत दर्ज की थी, जबकि 2002 में नैना देवी सीट कांग्रेस के खाते में गई थी. हालांकि इस बार आम आदमी पार्टी भी इस सीट के लिए दावेदारी ठोक रही हैं, पंजाब में मिली जीत से उत्साहित आम आदमी पार्टी का हौसला भी बढ़ा हुआ है.
पानी और सड़क है यहां की मुख्य समस्या
हिमाचल प्रदेश की नैना देवी विधानसभा सीट पर राजपूत मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है. इसके बाद अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या है जो निर्णायक भूमिका अदा करते हैं, इस सीट पर पानी और सड़क प्रमुख समस्या है, यह सीट पंजाब से लगी है, इसके बाद यहांं मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, यहां अस्पताल तो हैं, लेकिन हर समय डॉक्टरों का अभाव रहता है, जिससे लोगों को परेशानी होती है और गंभीर बीमारियों के लिए अक्सर चंडीगढ़ या पंजाब का रुख करना पड़ता है.