दिल्ली में 3/7, पंजाब में 6/13… लोकसभा चुनावों में केजरीवाल का यह ऑफर मानेगी कांग्रेस?

नई दिल्ली : को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में सीटों के बंटवारे को लेकर दिल्ली में पहली बैठक हुई। बैठक में दिल्ली के अलावा पंजाब में सीटों के बंटवारे पर बातचीत हुई। दोनों दलों के बीच बातचीत करीब ढाई घंटे तक चली। यह बैठक कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक के आवास पर हुई। बैठक के बाद हालांकि, सीटों को लेकर कोई औपराचिक घोषणा नहीं हुई। हालांकि, सूत्रों के हवाले से खबर कि आम आदमी पार्टी की तरफ से कांग्रेस को दिल्ली में 7 में 3 और पंजाब में 13 में से 6 सीटों पर लड़ने का ऑफर दिया है। ऐसे में अब सवाल यह है कि कांग्रेस अरविंद केजरीवाल की पार्टी के इस ऑफर को स्वीकार करेगी। गुजरात, हरियाणा में सीट चाहती है AAPहमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने बताया कि आप ने दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से तीन कांग्रेस को देने की इच्छा व्यक्त की है। इसके पीछे सोच है कि को गुजरात में एक, हरियाणा में तीन और गोवा में एक लोकसभा सीट दी जाएगी। यह भी समझा जाता है कि AAP ने पंजाब में कांग्रेस को 13 में से छह सीटों की पेशकश की है। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2019 में 7 सीटों पर जीत हासिल की थी। पंजाब एक ऐसा राज्य जहां कांग्रेस नेताओं ने लोकसभा चुनावों में AAP के साथ गठबंधन करने के विचार का कड़ा विरोध किया है। दिल्ली में ये सीटें चाहती है कांग्रेसआप की प्रारंभिक पेशकश को स्वीकार करने से पहले कुछ चीजों पर कांग्रेस विचार करेगी। इस ऑफर पर कांग्रेस मुख्यालय और राज्यों की यूनिट आंतरिक रूप से चर्चा करेगी। हालांकि, समझा जाता है कि कांग्रेस ने दिल्ली में पूर्वी दिल्ली, उत्तर पूर्व और चांदनी चौक सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की है। कांग्रेस की राष्ट्रीय गठबंधन समिति के संयोजक मुकुल वासनिक, राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, मोहन प्रकाश और दिल्ली पीसीसी प्रमुख अरविंदर सिंह लवली के अलावा आप नेता संदीप पाठक और दिल्ली की मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने सीट बंटवारे की संभावनाओं पर चर्चा की। जॉइंट वॉर रूप बनाने पर चर्चाकांग्रेस नेता मुकुल वासनिक ने बातचीत के बाद कहा कि हमने सीट बंटवारे और कई अन्य विषयों पर गहन चर्चा की। उन्होंने कहा कि हम कुछ दिनों के बाद फिर मिलेंगे और सीट बंटवारे पर अंतिम चर्चा होगी। वासनिक ने बताया कि हम बाद में सीट-बंटवारे की योजना को अंतिम रूप देंगे। हम जोरदार तैयारी के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे और बीजेपी को हराएंगे…चर्चा के दौरान क्या बात हुई, इसका खुलासा करना ठीक नहीं होगा। थोड़ा इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि हम पहले ही साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला कर चुके हैं। कांग्रेस और AAP इंडिया ब्लॉक में अहम घटक हैं। समझा जाता है कि नेता सीट-बंटवारे की शर्तों को अंतिम रूप देने के बाद अगले कदम के रूप में करीबी समन्वय करने और रणनीतिक प्रबंधन के लिए एक जॉइंट वॉर रूम स्थापित करने पर भी सहमत हुए हैं।