हिंडन एयरपोर्ट से कामर्शियल फ्लाइट! दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया मामला

नई दिल्ली: दिल्ली के पास ही गाजियाबाद में एयरफोर्स का है। इस पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कामर्शियल फ्लाइट की अनुमति दे दी है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष एक याचिका दायर की है। इस याचिका में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरफोर्स स्टेशन में शिड्यूल्ड कामर्शियल फ्लाइट का ऑपरेशन शुरू करने की अनुमति देने के सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के फैसले को चुनौती दी गई है।याचिका में क्या दिया गया है तर्कयाचिका में तर्क दिया गया है कि हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर ग्रीनफील्ड हवाईअड्डा स्थापित करने का निर्णय 1997 की नीति, ग्रीनफील्ड हवाईअड्डा नीति और राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति सहित स्थापित नीतियों का उल्लंघन करता है। यह पॉलिसी मौजूदा हवाईअड्डों के 150 किमी के भीतर नए हवाईअड्डों को प्रतिबंधित करती हैं। डीआईएएल का तर्क है कि आईजीआईए अनुमानित यातायात जरूरतों को पूरा करने के लिए अच्छी तरह से सुसज्जित है और हिंडन परियोजना मौजूदा और आगामी हवाईअड्डों की आर्थिक व्यवहार्यता पर नकारात्मक प्रभाव डालेगी।क्या है डीआईएएलडीआईएएल, जीएमआर के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम और प्रतिवादी नंबर 2 (एएआई) का एक संयुक्त उद्यम है। इसके पास ऑपरेशन, मैनेजमेंट और डेवलपमेंट समझौते के तहत इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे (IGIA) के ऑपरेशन, मेंटनेंस, डेवलपमेंट और मैनेजमेंट के लिए विशेष अधिकार और जिम्मेदारियां रखता है।निवेश का भी दिया गया है हवालाइस याचिका में के विस्तार और उन्नयन में डीआईएएल और उसके कंशेसनेयर्स द्वारा किए गए महत्वपूर्ण निवेश का भी हवाला दिया गया है। इसके अलावा, यह हितों के टकराव के बारे में चिंता पैदा करता है, क्योंकि डीआईएएल में 26 प्रतिशत शेयरधारक एएआई, हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से उड़ानें संचालित करने के निर्णय में शामिल है।कोर्ट ने केंद्र से पूछा है रुखयाचिका में हिंडन परियोजना से संबंधित विवादित निर्णय, प्रस्ताव और संचार को रद्द करने की मांग की गई है। कोर्ट ने केंद्र सरकार और एएआई का रुख मांगा है और अगली सुनवाई मार्च में होने की संभावना है।(With Agency Input)