राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का सीएम योगी को मिला न्योता, बोले- राम के बगैर नहीं कोई काम

अयोध्या: प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में आयोजित होने वाले श्रीरामलला के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर चल रही है। इसको लेकर राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से सभी गणमान्य लोगों को निमंत्रण भेजा जा रहा है। इसी क्रम में यूपी के को भी प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण मिल गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने सीएम योगी को बीच कार्यक्रम के दौरान प्राण-प्रतिष्ठा का निमंत्रण पत्र सौंपा है।इस कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कहा कि नई अयोध्या में अब कभी कर्फ्यू नहीं लगेगा, बल्कि राम नाम संकीर्तन होगा। अब यहां कभी गोली नहीं चलेगी, बल्कि रामभक्तों को लड्डू के गोले मिलेंगे। उन्होंने कहा है अब अयोध्या में कोई पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा रोकने का साहस नहीं करेगा। दरअसल मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर हेरिटेज हैंडवीविंग रिवाइवल चैरिटेबल ट्रस्ट के एक अभिनव प्रयास के तहत देश के 12 लाख हस्तशिल्पियों द्वारा श्रीरामलला के लिए तैयार विशिष्ट वस्त्र को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपे जाने के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था।कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत में भगवान राम के बगैर कोई काम नहीं होता है। घर में कोई काम हो या फिर बच्चों का जन्म उसमें अखंड रामायण का पाठ होता है। जागते हैं तो राम सोते हैं तो राम, चलते हैं तो राम भजन करते हैं तो राम और अंतिम यात्रा में भी राम होता है।इसके साथ ही सीएम योगी ने कहा कि अब हर व्यक्ति अयोध्या जाने के लिए इच्छुक है क्योंकि अब नए भारत की नई अयोध्या आ चुकी है। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी के बाद हेलीकॉप्टर की सेवा भी शुरू होने जा रही है। 35-40 मिनट में अयोध्या पहुंच जाएंगे और हेलीपैड से 5 मिनट में हनुमान गढ़ी पहुंच जाएंगे।इसके अलावा लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज से अयोध्या जाने की बेहतरीन फोर लेन कनेक्टीविटी है। रेलवे लाइन में पहले मीटर गैस के थे अब ब्रॉड गैस के साथ डबल लाइन जुड़ चुके हैं। अंदर का इंफ्रास्ट्रक्चर फोर लेन का हो चुका है। अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो चुका है और सरयू नदी में क्रूज संचालित किया जाएगा। यह कल्पना थी लेकिन आज वास्तविकता है। पंचकोशीय, चौदहकोशीय और 84 कोसी परिक्रमा को अब कोई रोक नहीं सकता है। अब अयोध्या में कर्फ्यू नहीं लगेगा। राम राम संस्कृतन होगा। इस कार्यक्रम में उपस्थित श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के के वरिष्ठ संरक्षक सुरेश जोशी भैया ने कहा कि भगवान राम के जीवन को देखें तो उनका पूरा जीवन संघर्षमय दिखता है।प्रारंभ में विश्वामित्र जी लेकर गए, तो बाद में वनवास हुआ और फिर न चाहते हुए भी लंका पर आक्रमण करना पड़ा। उस समय उनके साथ वानर सेना थी और आज लगता है कि वही वानर-भालू पुनर्जन्म लेकर फिर राम काज के लिए प्रस्तुत हैं। राम के जीवनकाल में भी कुछ उनके विरुद्ध थे, कुछ तटस्थ, आज भी कुछ वैसा ही है। उन्होंने कहा कि रामलला के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा से एक बार फिर रावण संस्कृति नष्ट होगी और रामराज्य की पुनर्स्थापना होगी।