‘CM योगी बीजेपी के लिए जरूरी ही नहीं बल्कि बन गए हैं मजबूरी’, क्या कहते हैं पॉलिटिकल पंडित?

अभय सिंह राठौर ,लखनऊ: लोकसभा चुनाव के बाकी बचे दो चरणों के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। पीएम मोदी से लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, अखिलेश यादव, दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल समेत सभी नेता चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। लेकिन केजरीवाल के एक बयान के बाद से यूपी के फायरब्रांड मुख्यमंत्री चर्चाओं के केंद्र बिंदु में आ गए हैं। अरविंद केजरीवाल भले ही सीएम योगी के समर्थन में बीजेपी नेताओं की चुप्पी को हवाला देते हुए योगी को बीजेपी सरकार बनने के दो-तीन महीने में मुख्यमंत्री पद से हटाने का दावा कर रहे हैं। सीएम योगी को लेकर विपक्षी नेता भले ही निशाना साध रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हो या फिर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सीएम योगी के कामकाज और उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सीएम योगी बीजेपी के लिए जरूरी होने के साथ ही मजबूरी भी बन गए हैं।CM योगी को हटाए जाने की क्यों हो रही चर्चादरअसल बीते दिनों राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा और छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद बीजेपी ने वसुंधरा राजे, शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर और रमन सिंह को मुख्यमंत्री नहीं बनाया था। इसके बाद से चर्चाओं का बाजार गरम है। चर्चा हो रही थी कि अब अगला नंबर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का है। इसके पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि बीजेपी में मोदी और शाह खुद के अलावा किसी दूसरे नेता को उठता नहीं देखना चाहते हैं। इसी क्रम में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सीएम ना बनाकर मजबूरीवश उपमुख्यमंत्री बनाया है। उधर कुछ दिनों से सीएम योगी को लेकर ऐसी कोई चर्चा नहीं हो रही थी।पीएम मोदी ने विपक्षी नेताओं को योगी से ट्यूशन क्लास लेने की नसीहत दीहालांकि विपक्षी दल भले ही सीएम योगी को आड़े हाथों ले रहे हो लेकिन सीएम योगी का बुलडोजर मॉडल काफी ज्यादा सुर्खियों में रहा है, अन्य राज्यों में भी इस मॉडल को अपनाया गया है। पीएम मोदी ने भी विपक्षी नेताओं से सीएम योगी के बुल्डोजर कार्रवाई की ट्यूशन क्लास लेने की वकालत कर चुके हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सपा-कांग्रेस वाले सरकार में आए तो रामलला को फिर से टेंट में भेज देंगे और मंदिर पर बुलडोजर चलवा देंगे। क्या योगी जी से यही सीखना है? अरे जरा योगी जी से ट्यूशन लो, बुलडोजर कहां चलवाना है और कहां नहीं चलाना है। पीएम ने मुलायम सिंह यादव के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि सपा वाले बेशर्मी से कहते थे कि लड़के हैं, लड़कों से तो गलती हो जाती है। लेकिन, आज सपा के लड़के जरा गलती करके दिखाएं, सीएम योगी की सरकार उनका वो हाल करेगी, जो उन्होंने सोचा भी नहीं होगा। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी सीएम योगी की समय समय पर तारीफ करते रहे हैं।बीजेपी का कोर वोटर योगी को अगला नेता मान चुका- वरिष्ठ पत्रकारवहीं वरिष्ठ पत्रकार बृजेश सिंह की माने तो योगी आदित्यनाथ हिंदुत्व का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं। सीएम योगी की पहचान एक फायर ब्रांड नेता के रूप में होती है, यही वजह है कि बीजेपी का कोर वोटर हिंदू जो हिंदुत्व में विश्वास करता है वो योगी आदित्यनाथ को अपना अगला नेता मानता है। वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि यह सभी लोग जानते हैं कि हिंदुत्व की जो बीजेपी में हार्डकोर लाइन है, उसपर योगी आदित्यनाथ पूरी तरह से खरे उतर रहे हैं। इसी कारण चाहे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह हो या पीएम मोदी सभी सीएम योगी का नाम लेकर उनकी जमकर तारीफ करते है। RSS और जनता में योगी की स्वीकारता है- बृजेश सिंहबृजेश सिंह ने कहा कि हिंदुत्व के नाम पर देश भर में सीएम योगी आदित्यनाथ एक बड़ा चेहरा हैं। योगी की RSS और आम जनता में बहुत स्वीकारता है। उनका नाम, पहनावा और खासकर हिंदुत्व को लेकर छवि के साथ ही बिना लाग लपेट के साफ साफ शब्दों में चाहे कानून व्यवस्था की बात हो या अपराधियों के लिए, अपनी बातें कहना आम जनता को पसंद आ रही है। अब सीएम योगी आदित्यनाथ भारतीय जनता पार्टी के लिए जरूरी भी हैं और मजबूरी भी बन गए हैं। इसलिए योगी को डेंट देना बड़ा आसान नहीं है। बाकी चीजें चुनाव के बाद आगे की स्थितियों पर तय करेंगी। योगी को हटाना आसान नहीं, हिंदुत्व के चेहरे में योगी PM से बड़ा चेहरा- वरिष्ठ पत्रकारवहीं अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के बीच अनबन पर वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि हर पार्टी में थोड़ी बहुत खींचतान चलती रहती हैं राजनीति में एक सामान्य सी बातें हैं। विपक्ष से ज्यादा राजनीतिक दलों के भीतर कलह चलती रहती है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि शिवराज सिंह चौहान, वसुंधरा राजे, रमन सिंह को हटाना बीजेपी के लिए आसान था लेकिन योगी आदित्यनाथ को हटाना थोड़ा सा कठिन हो सकता है। क्योंकि पूरे देश में सीएम योगी की हिंदुत्व के चेहरे पर पीएम मोदी की तुलना में ज्यादा स्वीकारता है।वरिष्ठ पत्रकार ने साथ ही यह भी कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ का पहनावा, चेहरा और वाणी आरएसएस को पसंद है इसलिए ऐसा हो सकता है कि सीएम योगी को 2029 या 2035 में प्रधानमंत्री का चेहरा बीजेपी बना सकती है। क्योंकि 75 की उम्र में रिटायरमेंट के हिसाब से योगी आदित्यनाथ का अभी 24 साल का राजनीतिक करियर है। सीएम योगी की उम्र 51 साल है।सीएम योगी पर बीजेपी नेताओं की चुप्पी हो सकती बड़ी परेशानी- बृजेश सिंहअरविंद केजरीवाल इस तरह के बयान देते रहते हैं कंट्रोवर्शियल बयान देना उनका स्वभाव है। केजरीवाल हर चुनाव में ऐसा बयान देते हैं लेकिन उनके इस बयान में बहुत दम नहीं दिख रहा है। हालांकि वरिष्ठ पत्रकार ने इतना जरूर कहा कि सीएम योगी को लेकर बीजेपी की ओर से अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है ये चिंता का विषय जरूर है। इसका थोड़ा बहुत नुकसान बीजेपी को भी हो सकता हैं। उन्होंने कहा कि चाहे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हो या गृहमंत्री अमित शाह दोनों नेताओं ने मोदी के समर्थन में कहा कि मोदी 2024 और 2029 में भी प्रधानमंत्री बनेंगे, लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ बने रहेंगे इसपर किसी नेता का बयान ना आना ये बीजेपी के लिए एक बड़ी परेशानी हो सकती है। क्योंकि इसको लेकर योगी आदित्यनाथ जिस बिरादरी से आते हैं उनमें संशय हो गया है कि चुनाव के बाद सीएम योगी को हटा सकते हैं।