चीन-रूस से खतरा, गुआम लौटा अमेरिका का महाशक्तिशाली B-1B बॉम्बर, जानें कितना खतरनाक?

वॉशिंगटन: अमेरिकी वायु सेना का गुआम पहुंचा है। यह महाशक्तिशाली विमान एक बार की उड़ान में दुनिया के किसी भी कोने में परमाणु बम गिराने में सक्षम है। इस विमान के गुआम के एंडरसन एयर फोर्स बेस पर तैनाती को चीन और रूस के लिए सीधा संदेश माना जा रहा है। एक साल में यह दूसरा मौका है, जब इस बी-1बी लांसर का बेड़ा गुआम पहुंचा है। इस बॉम्बर को कभी भी तेजी से तैनात करने और घातक सटीक स्ट्राइक करने में माहिर माना जाता है। यह बॉम्बर इतना खतरनाक है कि अमेरिका ने किसी भी दूसरे देश को नहीं बेचा है। अमेरिका के पास 100 की संख्या में बी-1बी लांसर बॉम्बर मौजूद हैं। ये बॉम्बर मैक 1.25 की स्पीड से उड़ान भर सकते हैं। इनका रडार क्रास सिग्नेचर भी काफी कम है, जिस कारण दुश्मन की रडार के पकड़ में आने की संभावना भी बेहद कम होती है।

इस साल दूसरी बार गुआम पहुंचे बी-1बी बॉम्बर
इस साल की शुरुआत में चार बी-1 बॉम्बर गुआम के एंडरसन एयर फोर्स बेस पहुंचे थे। यहां उन्होंने कई मिशन का संचालन किया। इन मिशनों में जापानी वायु सेनेा के साथ एरियल इंट्रीगेशन और रॉयल एयरफोर्स बेस डार्विन में रॉयल ऑस्ट्रेलियाई वायु सेना के साथ एयर रिफ्यूलिंग ऑपरेशन को अंजाम देने का अभियान शामिल था। ये बॉम्बर इंडो-पैसिफिक में कई कॉम्बेट और ट्रेनिंग मिशन पर अपन सहयोगी देशों की वायु सेना के साथ साझेदारी भी की। फरवरी 2021 में एशिया के सबसे बड़े एयर शो एरो इंडिया 2021 में अमेरिका के परमाणु बॉम्बर रॉकवेल बी-1 लांसर ने भी उड़ान भरी थी। इस दौरान भारत के स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान ने अमेरिका के इस खतरनाक बॉम्बर को एयर सपोर्ट मुहैया कराया था।

अमेरिका बोला- सहयोगियों के समर्थन के लिए किया तैनात
अमेरिका के 37वें बम स्क्वॉड्रन के ऑपरेशन डायरेक्टर लेफ्टिनेंट कर्नल डैनियल माउंट ने कहा कि बॉम्बर टास्क फोर्स की तैनाती और मिशन क्षेत्र में सहयोगी देशों को महत्वपूर्ण आश्वासन और सहयोग प्रदान करते हैं। बी-1 बॉम्बर इस क्षेत्र में मौजूद सबसे शक्तिशाली विमान हैं, जो बड़ी दूरी की यात्रा करने और सटीकता के साथ महत्वपूर्ण मारक क्षमता से लैस हैं। इस बॉम्बर के मिशन अमेरिका के नेशनल डिफेंस स्ट्रैटजी के उद्देश्यों का समर्थन करते हैं। ये मिशन हमारे बॉम्बर्स को विदेशों और दूसरे महाद्वीपों में अपने काम को अंजाम देने में सहायता कर सकते हैं। 28वें बम विंग कमांडर कर्नल जोसेफ शेफील्ड ने कहा कि यह बॉम्बर टास्क फोर्स प्रशांत क्षेत्र के लिए निरंतर अमेरिकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। यह न केवल हमारे सहयोगियों और भागीदारों के साथ हमारे बी-1 एयरक्रू को अमूल्य प्रशिक्षण अवसर प्रदान करता है।

क्यों सबसे घातक फ्लाइंग मशीन है बी-1बी बॉम्बर
अमेरिकी वायु सेना के बी-1बी लांसर बॉम्बर कई तरह के मिशन को अंजाम दे सकते हैं। ये बॉम्बर बिना रिफ्यूलिंग किए एक महाद्वीप से उड़ान भरकर दूसरे महाद्वीप तक की यात्रा करने में सक्षम हैं। बी-1बी के इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग उपकरण, इंफ्रारेड काउंटरमेजर्स, रडार लोकेशन और वार्निंग सिस्टम इसे सबसे घातक फ्लाइंग मशीन बनाते हैं। बी-1बी के इंजन इतने शक्तिशाली हैं कि एक छोटे से रनवे से भी यह भारी-भरकम बॉम्बर आसानी से उड़ान भर सकता है। बी-1बी बॉम्बर के नाम अपने क्लास में स्पीड, पेलोड, रेंज और उड़ान की रफ्तार को लेकर लगभग 50 विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं। नेशनल एरोनॉटिक एसोसिएशन ने भी इस विमान को 10 सबसे यादगार रिकॉर्ड उड़ानों में से एक को पूरा करने को लेकर मान्यता दी हुई है।

दुनिया में कही भी कर सकते हैं बमबारी
146 फीट लंबे बी-1बी लांसर बॉम्बर की चौड़ाई 137 फीट की है। बी-1बी बॉम्बर 35,000 किलोग्राम तक के हथियार, गोला बारूद को लेकर उड़ान भर सकता है। इस विमान में दो पायलट के अलावा कुल 4 क्रू मेंबर शामिल होते हैं। बी-1बी लांसर बॉम्बर का रडार क्रास सेक्शन बेहद कम है। इस कारण अधिकतर रडार इस विमान को पकड़ नहीं सकते हैं। यह विमान अपने शक्तिशाली इंजनों के कारण भारी पेलोड के साथ बेहद कम ऊंचाई पर तेजी से उड़ान भरने में सक्षम है। इस बॉम्बर में कई उन्नत इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेशर्स लगाए गए हैं। जिससे यह दुश्मन की जैमिंग, मिसाइल या किसी अन्य प्रकार के हमले से बच सकता है। इस विमान में जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) के चार की संख्या में F101-GE-102 के ऑफ्टरबर्नर वाले टर्बोफैन इंजन लगे हुए हैं।