वंदे भारत एक्सप्रेस में करना पड़ा बदलाव, आखिर दिल्ली-जयपुर रूट में ऐसा क्या खास है?

नई दिल्ली: देश की 11वीं वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन (Vande Bharat Express Train) जल्दी ही पटरियों पर दौड़ती हुई नजर आएगी। इसे दिल्ली-जयपुर रूट (Delhi-Jaipur route) पर चलाने की तैयारी जोरों पर है। लेकिन इसके लिए इस ट्रेन में कुछ बदलाव किए गए हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Rail Miniser Ashwini Vaishnaw) का कहना है कि दिल्ली-जयपुर रूट के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस में बदलाव करना पड़ा है। इसकी वजह यह है कि इस रूट पर डबल-डेकर ट्रेन चलती है। यानी इस रूट पर इलेक्ट्रिसिटी वायर्स की ऊंचाई ज्यादा है। अब तक चलाई गई 10 वंदे भारत ट्रेनों के साथ इस तरह की समस्या नहीं थी। यही वजह है कि रेलवे को दिल्ली-जयपुर रूट के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस में बदलाव करना पड़ा है।रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली-जयपुर रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस को चलाने के लिए एक अलग तरह के पेंटोग्राफ की जरूरत थी। वंदे भारत एक्सप्रेस में हर दूसरी बोगी की छत पर एक पेंटोग्राफ होता है। लेकिन दिल्ली-जयपुर रूट पर बिजली के तारों की ऊंचाई ज्यादा है। इसलिए इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) दिल्ली-जयपुर रूट पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए लंबे पेंटोग्राफ का इस्तेमाल कर रही है। अश्विनी वैष्णव इस वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए की जा रही तैयारियों का जायजा लेने के लिए जयपुर गए थे। नई वंदे भारत एक्सप्रेस के इस हफ्ते के अंत तक जयपुर पहुंचने की उम्मीद है। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे जोन ने आईआरसीटीसी को नई ट्रेन में ऑनबोर्ड कैटरिंग के लिए प्रॉविजन करने को कहा है। कितना होगा किरायाअब तक इस ट्रेन का फाइनल रूट और किराया तय नहीं किया गया है। एक अधिकारी ने कहा कि यह ट्रेन कम स्टेशनों पर रुकेगी, इसलिए यह इस रूट पर चलने वाली दूसरी ट्रेनों के मुकाबले कम समय लेगी। अभी दिल्ली से जयपुर पहुंचने में साढ़े चार घंटे लगते हैं लेकिन वंदे भारत ट्रेन आधे घंटे पहले ही सवारियों को अपनी मंजिल पर पहुंचा देगी। इस तरह की 11वें ट्रेन होगी। यह राजस्थान की पहली और दिल्ली की चौथी वंदे भारत ट्रेन होगी। अभी दिल्ली से वाराणसी, कटरा और अंब अंदौरा के लिए वंदे भारत ट्रेन चलती है। वंदे भारत की योजना 75 चेयर कार वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की है। इसके बाद 200 स्लीपर वंदे भारत बनाने की योजना हैं जिन्हें राजधानी एक्सप्रेस के रूट पर चलाया जाएगा। साथ ही रेलवे देश की पहले एल्युमीनियम ट्रेन बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। देश में पहली वंदे भारत ट्रेन दिल्ली से वाराणसी के बीच चलाई गई थी। नए जमाने की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस मुंबई से गांधीनगर के बीच चली थी। लेकिन कई राज्यों में अब तक एक भी वंदे भारत नहीं चली है।