बिहार में आज से शुरू हो रही है जातीय जनगणना, गांव-गांव जाकर जमा किए जांएगे आंकड़े, 2 माह में पूरा होगा सर्वे

बिहार में आज से जातिगत जनगणना के लिए सर्वे शुरु हो रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि इस सर्वे में सिर्फ जातियों और हर परिवार की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर सर्व किया जाएगा और इसमें उप जातियों को शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सर्वे के लिए जिन टीमों को तैनात किया गया है उनकी बाकायदा ट्रेनिंग हुई है।

अपनी समाधान यात्रा के दौरान नीतीश कुमार ने कहा, “हम त्रुटिहीन जाति जनगणना चाहते हैं, इसीलिए टीमों को प्रशिक्षण दिया गया है ताकि इस सर्वे की प्रक्रिया गंभीरता से पूरी हो।” उन्होंने बताया कि सर्वे के दौरान अगर कोई अपनी उपजाति बताता है तो इस दावे को क्रॉस चेक का जाएगा और उसे सही किया जाएगा।

नीतीश कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वे में हर परिवार की आर्थिक स्थिति का भी सर्वे में उल्लेख होगा। उन्होंने बताया, “हम यह जानने के लिए आर्थिक स्थिति पूछेंगे ताकि उनके लिए योजनाएं बनाई जा सकें। साथ ही यह भी जानेंगे कि किसी परिवार के कितने सदस्य घर से बाहर किसी और राज्य में रहते हैं।”

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक, एक अधिकारी ने कहा कि सर्वे का काम सभी जिलों में पंचायत स्तर पर शुरु होगा। इस अधिकारी ने बताया, “हर घर को एक नंबर दिया जाएगा और उस घर में रहने वाले रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जाति और जीवनयापन के लिए वे क्या करते हैं इसका उल्लेख किया जाएगा।” अधिकारी ने बताया कि किसी भी परिवार को इसके लिए किसी दस्तावेज को देने की जरूरत नहीं है।

बिहार सरकार द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक, जिलाधिकारियों को जातीय जनगणना के लिए भर्ती करने का अधिकार दिया गया है। इस काम में शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, जीविका और मनरेगा वर्कर्स को भी शामिल किया जा रहा है। लेकिन पूरी प्रक्रिया गोपनीय रहेगी क्योंकि यह एक संवेदनशील मामला है। अधिकारी ने बताया कि सारा डेटा एक मोबाइल एप में जमा किया जाएगा और इसे पूरा करने की प्रक्रिया दो महीने में पूरी होगी।

जाति जनगणना सर्वे पर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि आज बहुत ही ऐतिहासिक काम की शुरुआत होने वाली है। यह लालू जी की पहले से ही मांग रही है, जिससे लेकर हम सड़क पर भी उतरे थे और मनमोहन जी की सरकार ने जाति जनगणना सर्वे भी कराया था, लेकिन बीजेपी ने इसके डेटा को भ्रष्ट बता दिया था।

केंद्र सरकार ने देश व्यापी जातीय जनगणना से इनकार कर दिया है, इसके बावजूद बिहार सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। इस मुद्दे पर बिहार में बीजेपी समेत सभी राजनीतिक दल एकमत हैं।