ईरान पर मिसाइल दागकर पाकिस्तान अब देने लगा गीदड़भभकी, ‘पड़ोसियों’ को हमले पर दे रहा वॉर्निंग, निशाने पर भारत या तालिबान?

इस्लामाबाद: पाकिस्तान और ईरान के बीच तनातनी चल रही है। पाकिस्तान अभी तक ईरान के साथ बातचीत करने को कह रहा था। लेकिन अब राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) ने अपनी पूरी ताकत से जवाब देने का संकल्प दोहराया है। इस मीटिंग में असली निशाना ईरान था। क्योंकि ईरान की ओर से पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एयर स्ट्राइक की गई थी। यह एयर स्ट्राइक पाकिस्तान के आतंकियों पर की गई थी। बदले में पाकिस्तानी सेना ने भी ईरान में हवाई हमले किए हैं।हमलों के बाद कार्यवाहक विदेश मंत्री जलील अब्बास जिलानी और उनके ईरानी समकक्ष होसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने को लेकर सहमत हुए। इसके अलावा जिलानी ने ईरान के साथ सभी मुद्दों पर काम करने की तत्परता व्यक्त की। पाकिस्तान ने हमलों के बाद ईरान से अपने राजदूत को वापस बुला लिया। वहीं ईरानी दूत को निष्कासित कर दिया। हालांकि संबंधों के पटरी पर आने की उम्मीद जताई जा रही है। तनाव कम करने में लगी दुनियाहमले के बाद यूएन, अमेरिका, रूस, यूरोपीय संघ और अन्य वैश्विक ताकतें दोनों पक्षों से संयम बरतने को कह चुकी हैं। जबकि चीन की ओर से मध्यस्थता की पेशकश की गई। NSC ने स्थिति की संपूर्ण समीक्षा की और पाकिस्तान की संप्रभुता के अकारण और गैरकानूनी उल्लंघन के खिलाफ सशस्त्र बलों की प्रतिक्रिया की सराहना की। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक बैठक के दौरान पाकिस्तान और ईरान के बीच मौजूदा स्थिति की जानकारी दी गई।पाकिस्तान आतंकियों को देगा संरक्षण?इस मीटिंग में ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल साहिर शमशाद मिर्जा और पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर समेत खुफिया एजेंसियों के अधिकारी भी रहे। NSC ने कहा कि पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पवित्र है और किसी भी बहाने से कोई भी देश इसका उल्लंघन करने का प्रयास करता है तो पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा। इस बैठक से साफ है कि पाकिस्तान आतंकियों को संरक्षण देता रहेगा। ईरान अगर इन आतंकियों पर भी कार्रवाई करेगा तो भी पाकिस्तान को बर्दाश्त नहीं होगा और वह पलटवार करेगा।