गारंटी योजना के लिए हर साल 52 हजार करोड़ का बजट, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का बड़ा दांव

बेंगलुरु: कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने हाल ही में मिली बंपर जीत के बाद कांग्रेस सरकार का पहला बजट पेश किया। हालांकि बतौर सीएम सिद्धारमैया का यह विधानसभा में 14वां बजट रहा। पांचो गारंटी स्कीम के वादे पर मिली जीत के बाद सबकी निगाहें कांग्रेस सरकार के इस बजट पर टिकी थीं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए कहा कि, ‘हमारी सरकार पांच प्रमुख चुनावी गारंटी को पूरा करने के लिए सालाना 52,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जिससे अनुमानित 1.3 करोड़ परिवारों को लाभ होगा।’ गारंटी योजना में क्या-क्या ?3.27 लाख करोड़ से ज्यादा वाले 2023-2024 बजट में वादे के मुताबिक हर घर को 4,000 से 5,000 रुपए प्रति महीने की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने की योजना शामिल है। वादों में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, 200 यूनिट मुफ्त बिजली, गरीबों के लिए 10 किलोग्राम मुफ्त अनाज, घर की महिला मुखिया के लिए 2,000 और 3,000 तक का बेरोजगारी भत्ता शामिल है। ‘राज्य के ताजा हालात के लिए बीजेपी जिम्मेदार’सिद्धारमैया कर्नाटक की खराब वित्तीय स्थिति के लिए पिछली भाजपा सरकार पर हमला करते दिखे। मुफ्त योजना पर सवालों से घिरे सीएम ने कहा कि, ये मुफ्त चीजें नहीं हैं, यह तो गरीबों के साथ साझा किए जाने वाले विकास के फल हैं। वित्त मंत्री के रूप में अपना 14वां बजट पेश करके सिद्धारमैया ने 13 बजट पेश करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत रामकृष्ण हेगड़े को पीछे छोड़ते हुए एक रिकॉर्ड बनाया। अपने बजट भाषण में कर्नाटक के सीएम ने बीयर पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क 175 फीसदी से बढ़ाकर 185 फीसदी करने की भी घोषणा की। गारंटी योजना वादे से मिली थी बंपर जीतमाना जाता है कि कांग्रेस को कर्नाटक में पांच गारंटी स्कीम के वादे ने विधानसभा चुनावों जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी। 224 सदस्यीय वाली कर्नाटक विधानसभा में, कांग्रेस 135 सीटें जीतकर विजयी हुई, जबकि भाजपा को 66 और जनता दल-सेक्युलर को महज 19 सीटें मिली थीं।