‘लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेगी बसपा’, Mayawati बोलीं- गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं अखिलेश यादव

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने सोमवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनकी पार्टी कोई गठबंधन नहीं करेगी और अकेले लोकसभा चुनाव लड़ेगी। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने दोहराया कि मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि बहुजन समाज पार्टी अकेले लोकसभा चुनाव लड़ेगी, किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी।  इसे भी पढ़ें: Mayawati Birthday: राजनीति नहीं बल्कि प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती थीं मायावती, चार बार बनीं UP की CMमायावती ने कहा कि लोगों को गरीबी से ऊपर उठाने और उन्हें रोजगार प्रदान करने के बजाय, केंद्र और राज्य (यूपी) सरकारें उन्हें कुछ मुफ्त राशन प्रदान कर रही हैं और उन्हें अपना गुलाम बनाने की कोशिश कर रही हैं। हालाँकि, यूपी में हमारी सरकार ने लोगों को सशक्त बनाने के लिए रोजगार उपलब्ध कराया। अखिलेश यादव ने गिरगिट की तरह रंग बदला। उन्होंने कहा कि पूरे देश में बसपा ही एक ऐसी पार्टी है जो बाबा साहेब के बनाये कायदे-कानूनों पर चलती है। कांग्रेस भाजपा और उसके सहयोगियों, बड़े व्यापारियों की पक्षधर है। अति पिछड़ों को उनका हक नहीं मिल रहा है और आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है। सभी लोगों से अपील है कि वे बसपा से जुड़ें और उसे सत्ता तक पहुंचाएं, ताकि उनका हक मिल सके। सपा ने बयान देकर बसपा को भ्रमित करने की कोशिश की थी, इससे बचने की जरूरत है। बसपा प्रमुख ने राजनीति से अपनी संभावित सेवानिवृत्ति के बारे में हालिया अटकलों पर भी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने आकाश आनंद को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया। मायावती ने पार्टी को मजबूत करने के अपने प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। आगामी लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने की मायावती की घोषणा ऐसे समय आई है जब विपक्ष का मेगा गठबंधन ‘इंडिया’ शक्तिशाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मुकाबला करने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी शुरू कर रहा है। इसे भी पढ़ें: Mayawati को इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनाना चाहती है कांग्रेस! बसपा सुप्रीमों से मिल सकते हैं पार्टी नेतालोकसभा चुनाव में भाजपा से लड़ने के लिए भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA) के बैनर तले 28 विपक्षी दल एक साथ आए हैं। कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे शनिवार को विपक्षी इंडिया ब्लॉक के अध्यक्ष पद के लिए सर्वसम्मत उम्मीदवार के रूप में उभरे, जबकि संयोजक पद के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम प्रस्तावित किया गया, जिसे जद (यू) नेता ने स्वीकार नहीं किया।