चलती ट्रेन में थम रही थी सांस, जिंदगी बचाने के लिए आधी रात पहुंचा ऑक्सीजन सिलेंडर

भोपाल: भोपाल ने एक बार फिर से अपनी दरियादिली दिखाई है। जिस वक्त सब लोग सो रहे थे। उसी समय चलती ट्रेन में एक मरीज की जान बचाने के लिए रेलवे के अधिकारी और कुछ युवा मदद के लिए पहुंच गए। दरअसल, में सफर कर रहे एक मरीज की तबीयत अचानक बिगड़ गई। ट्रेन जैसे ही सुबह 4.30 चार बजे पहुंची मरीज के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई। मरीज इलाज करवाने के लिए रायपुर से दिल्ली जा रहा था लेकिन तभी रास्ते में उसकी तबियत बिगड़ गई। यात्रा कर रहे मरीज को ब्रेन हेमरेज की दिक्कत थी। मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत है जैसे ही मैसेज मिला भोपाल मंडल के रेल अधिकारी मदद के लिए जुट गए।

इससे पहले 5 अप्रैल को भी इलाज के लिए दिल्ली जा रहे एक नवजात बच्चे की जिंदगी बचाने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी थी तब भोपाल में ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाया गया था। पिछली बार की तरह इस मरीज को भी भोपाल स्टेशन पर आनन-फानन में ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की गई। मंडल रेल प्रबंधक सौरभ बंदोपाध्याय ने कहा कि शुक्रवार की रात करीब 1 बजे व्यावसायिक नियंत्रण कक्ष को रायपुर-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के एक अटेंडेंट ने सूचना दी कि उन्हें ब्रेन हैमरेज का मरीज है जिसे तत्काल मदद की जरूरत है।

इलाज के लिए दिल्ली जा रहा था मरीज
मरीज को एम्स-दिल्ली ले जाया जा रहा था। अटेंडेंट ने कहा कि नागपुर पहुंचने से पहले, उसका ऑक्सीजन लेवल गिरना शुरू हो गया था और उसकी हालत गंभीर थी। उनके साथ के डॉक्टर ने सलाह दी कि उसे ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत है। जिसकी जानकारी भोपाल में डिप्टी स्टेशन मैनेजर-कमर्शियल तक पहुंचाई गई। मरीज के परिजनों ने तुरंत एक एनजीओ से संपर्क किया।

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परिजन ने एक एनजीओ, हेल्थ केयर फाउंडेशन से संपर्क किया और ऑक्सीजन सिलेंडर, फ्लो मीटर और मास्क पहुंचाने का अनुरोध किया। एनजीओ के वाइस चेयरमैन अभिषेक मकवानी, चेयरमैन एमडी वसीम रजा और संस्थापक सागर जैन के साथ चिरायु अस्पताल पहुंचे। यहां से वो जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर स्टेशन के लिए रवाना हो गए। रेलवे का एक डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और एक पुलिस सपोर्ट टीम वहां पहले से ही मौजूद थी। सही समय पर मिले ऑक्सीजन सिलेंडर के कारण मरीज की जान बच गई।