जाखू मंदिर के ‘ब्लैकमेलर’ बंदर… लोगों का सामान छीन चढ़ जाते हैं पेड़ पर, प्रसाद दो तो करते हैं वापस

शिमला: अगर आप हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में घूमने आएंगे तो यहां पर आपको खूबसूरत मौसम, हसीन वादियां, ऐतिहासिक भवन देखने को मिलेंगे। इसके साथ ही ब्लैकमेलर बंदर! जी हां अगर आपने इन बंदरों के बारे में नहीं सुना है तो हम आपको इन बंदरों के बारे में बताने जा रहे हैं। शिमला में ऐसी बहुत ही प्रसिद्ध जगह है जहां पर अगर पर्यटक नहीं जाते तो उनका शिमला घूमना अधूरा सा रह जाता है। शिमला का प्रसिद्ध भी उसी में से एक है। इस मंदिर की विशेषता एक तो इसकी प्राचीनता और दूसरा हनुमान जी की 108 फीट ऊंची मूर्ति भी है। हर दिन यहां पर हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन जब आप यहां घूमने जाएं तो ब्लैकमेलर बंदरों से सावधान जरूर रहें।ऐतिहासिक रिज मैदान से जब आप जाखू की तरफ जाएंगे तो आपको जगह-जगह पर यह नोटिस बोर्ड लगे हुए नजर आएंगे कि आपको अपने साथ कोई सामान लेकर नहीं जाना है, खासकर खाने-पीने की चीजों को अपने पास नहीं रखना है। ताकि बंदर परेशान ना कर सके। रिज मैदान से लेकर जाखू तक पूरे रास्ते में आपको बंदर उछलते कूदते हुए नजर आएंगे। यह बंदर इसी ताक में रहते हैं कि किस तरह पर्यटकों के हाथ से सामान छीन कर उन्हें ब्लैकमेल कर सके। जूते को लेकर पेड़ पर चढ़ा बंदरहाल ही में जाखू मंदिर का एक वीडियो सामने आया है जहां पर एक व्यक्ति के जूते को उठाकर बंदर पेड़ पर चढ़ गया। जब तक बंदर को प्रसाद नहीं दिया गया तब तक बंदर उस जूते को पेड़ पर बैठकर पकड़े रखा। जैसे ही प्रसाद बंदर की तरफ फेंका गया तो तुरंत बंदर ने जूते को गिरा दिया। जाखू मंदिर के नटखट बंदर इसी तरह से यहां दर्शन करने आने वाले लोगों को परेशान करते हैं।ब्लैकमेल करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते बंदरपर्यटकों की सुविधा के लिए मंदिर में कुछ लोगों को भी तैनात किया गया है ताकि किसी का सामान लेकर अगर यह बंदर भाग जाए तो यह कर्मचारी सामान वापस दिलवाने में मदद करते हैं। लेकिन यह बंदर इतने चालाक है कि वहां पहुंचे भक्तों को ब्लैकमेल करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते। यही नहीं यह बंदर दर्शन करने आने वाले लोगों का चश्मा, मोबाइल फोन, बैग, दुपट्टा और इसी तरह की अन्य चीजें लेकर भाग जाते हैं और पेड़ पर बैठ जाते हैं। जब तक इन्हें प्रसाद नहीं दिया जाता तब तक यह सामान वापस नहीं करते हैं।