‘अलग राष्ट्र’ संबंधी टिप्पणी पर BJP सदस्यों ने सांसद DK Suresh के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया

बेंगलुरु। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई सदस्य कांग्रेस सांसद डी के सुरेश की ‘‘अलग राष्ट्र’’ संबंधी टिप्पणी के विरोध में रविवार को उनके आवास के बाहर प्रदर्शन करने के लिए एकत्र हुए। सुरेश ने बृहस्पतिवार को कहा था कि अगर विभिन्न करों से एकत्रित धनराशि के वितरण के मामले में दक्षिणी राज्यों के साथ हो रहे ‘‘अन्याय’’ को रोका नहीं गया तो दक्षिणी राज्य एक अलग राष्ट्र की मांग करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। प्रदर्शनकारियों को यहां सदाशिवनगर में सुरेश के आवास के बाहर ‘वंदे मातरम’, ‘भारत माता की जय’ और ‘डी के सुरेश मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए सुना गया। पुलिस प्रदर्शनकारियों को जल्द ही वहां से हटाकर एक बस में ले गई। सुरेश कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष डी के शिवकुमार के भाई हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘भाजपा के सदस्यों का एक समूह कांग्रेस सांसद के आवास के बाहर एकत्र हुआ था। उन्होंने दक्षिणी राज्यों के लिए अलग राष्ट्र की मांग से जुड़े उनके बयान के खिलाफ वहां विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश की, लेकिन हमारे अधिकारियों ने उन्हें तुरंत वहां से हटाकर हिरासत में ले लिया। स्थिति नियंत्रण में है।’’ बेंगलुरु ग्रामीण सीट से सांसद सुरेश ने यह भी आरोप लगाया था कि दक्षिण भारत पर हिंदी ‘‘थोपी’’ जा रही है। सुरेश ने विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने और अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘…मैं उनके विरोध का खुशी से स्वागत करता हूं…ईश्वर उन्हें आशीर्वाद दें।’’ सुरेश ने भाजपा पर उनके बयान को ‘तोड़-मरोड़कर’ पेश करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं कहा कि इस देश को विभाजित करना है, वे (भाजपा) इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, वे राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं।’’  इसे भी पढ़ें: Justice Ritu Bahri उत्तराखंड High Court की मुख्य न्यायाधीश बनींभाजपा उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश क्यों कर रही है? इस सवाल के जवाब में सुरेश ने कहा, ‘‘आपको (मीडिया) उनसे पूछना चाहिए… जो मीडिया मेरा बयान दिखा रहा है, उसे इसे पूरा सुनकर इस पर बात करनी होगी। मुझे नहीं पता कि यह मीडिया की गलती है, भाजपा की है या मेरी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। अगर आप कहते हैं कि नहीं, हम एक पक्ष के समर्थन में हैं, तो मैं कुछ नहीं कर सकता।’’ उन्होंने कहा कि उनका बयान बहुत स्पष्ट है और भाजपा इसे तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है।