सर्वे: UP में BJP को बढ़त, आज चुनाव हुए तो केंद्र में NDA सरकार… जानिए किसे कितनी सीट

लखनऊ: देश में अगर आज चुनाव हुए तो देश में एक बार फिर नरेंद्र मोदी सरकार बनेगी। वर्ष 2019 में हुए आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 303 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं, नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) को इस चुनाव में 353 सीटों पर जीत हासिल हुई। भाजपा ने लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत हासिल किया था। लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा को 283 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। एनडीए ने इस चुनाव 336 सीटें अपनी झोली में डाली थी। इन दोनों चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को बनवाने में उत्तर प्रदेश ने बड़ी भूमिका निभाई। एक बार फिर ऐसा होता दिख रहा है। इंडिया टुडे और सी-वोटर के मूड ऑफ नेशन सर्वे का मिजाज तो कुछ यही संकेत दे रहा है। यूपी में भाजपा को एक बार फिर बड़ी बढ़त मिलती दिख रही है। ने दावा किया है कि देश में अगर आज चुनाव हुए तो भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए एक बार फिर सत्ता में लौटेगी। गठबंधन को उत्तर प्रदेश में बड़ी जीत मिलने के आसार जताए गए हैं। सर्वे ने साफ किया है कि पार्टी को यूपी में बड़ी जीत मिल सकती है भाजपा उत्तर प्रदेश की 70 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है। जीत का आंकड़ा लगभग 2014 के लोकसभा चुनाव परिणाम के आसपास पहुंचता दिख रहा है।

2014 में 71 तो 2019 में 62 सीटों पर मिली थी जीत

लोकसभा चुनाव 2014 में भारतीय जनता पार्टी ने 71 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं, एनडीए ने 73 सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाबी हासिल की थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने भाजपा को घेरने के लिए मजबूत गठबंधन बनाया गया। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन हुआ। बड़े सामाजिक और राजनीतिक समीकरण के जरिए भाजपा को पटखनी देने का दावा किया गया। अखिलेश यादव और मायावती के एक पाले में आने के बाद देश की राजनीति पलट जाने का दावा हुआ। असर पड़ा, लेकिन बड़ा उलटफेर कर पाने में यह गठबंधन कामयाब नहीं हो सकी। लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा ने 62 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, एनडीए को प्रदेश की 64 सीटों पर जीत मिली।

पुराने प्रदर्शन को दोहराती दिख रही भाजपा

भारतीय जनता पार्टी यूपी में अपने पुराने प्रदर्शन पर वापसी करती दिख रही है। इसका कारण यूपी में राजनीतिक समीकरण का बदलना माना जा रहा है। यूपी के राजनीतिक मैदान में इस बार भी भाजपा विरोधी दल अलग-अलग स्तर पर चुनावी मैदान में उतरते दिख रहे हैं। वहीं, यूपी चुनाव 2022 में तमाम दावों और दो ध्रुवीय चुनाव के बाद भी एनडीए एक बड़ी जीत दर्ज करने में कामयाब रही। योगी आदित्यनाथ का चेहरा और यूपी में कानून व्यवस्था का बुलडोजर मॉडल चर्चा का विषय बना हुआ है। इसने पार्टी को लगातार मजबूत बनाया है। वहीं, विपक्षी दल यूपी के चुनावी मैदान से लोकसभा चुनाव में उतरने वाले पीएम नरेंद्र मोदी के विरोध में उस स्तर का कोई चेहरा तय कर पाने में अब तक कामयाब होती नहीं दिख रही है।

भाजपा की तैयारियां भी हैं तेज

भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दी है, जबकि विरोधी दल अभी तक अपनी रणनीति को ही धार देने में जुटे हैं। लोकसभा के बाद विधानसभावार समीक्षाओं का दौर चल रही है। पिछले दिनों पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में राज्य की सभी 80 सीटों पर जीत का दावा किया। वहीं, विपक्षी समाजवादी पार्टी का दावा है कि इस बार भाजपा को प्रदेश में बड़ी हार मिलने वाली है। हालांकि, विपक्ष का वोट इस बार सपा, बसपा और कांग्रेस में बंटता दिख रहा है। भाजपा अपने वोट बैंक के साथ मजबूती के साथ डटी है। ऐसे में मूड ऑफ सर्वे के आंकड़े को चौंकाने वाला नहीं कह सकते हैं।सर्वे में भाजपा को मिलने वाली सीट का जिक्र तो किया गया है। लेकिन, विपक्ष में सीट किस प्रकार बंटेगी, इस संबंध में आंकड़ा साफ नहीं हुआ है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी 5 सीटों पर सिमटी थी। कांग्रेस के पाले में दो सीटें गई थीं। बसपा का खाता भी नहीं खुला था। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी सपा को 5 ही सीटों पर जीत मिली। वहीं, समाजवादी पार्टी के वोट के जरिए बसपा 2014 के सीटों की संख्या 10 पर पहुंच गई। एक सीट कांग्रेस के पाले में गई थी।

योगी बने पार्टी में बड़ा चेहरा

मूड ऑफ नेशन सर्वे में भाजपा में बड़ा चेहरा को लेकर जो सवाल किए गए, उसमें योगी आदित्यनाथ को बड़ी सफलता मिलती दिख रही है। लगातार दूसरी बार यूपी का मुख्यमंत्री बनने वाले योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता में काफी इजाफा हुआ है। दरअसल, सर्वे में सवाल किया गया कि भाजपा में पीएम मोदी का उत्तराधिकारी कौन हो सकता है। इसके जवाब में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को 26 फीसदी लोगों ने पसंद किया। वहीं, दूसरे स्थान पर 25 फीसदी लोगों ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को पीएम मोदी का उत्तराधिकारी माना। 16 फीसदी लोगों की पसंद नितिन गडकरी तो 6 फीसदी लोगों की पसंद राजनाथ सिंह रहे।