Bihar: ‘बिहार का योगी आ गया’, सम्राट चौधरी को लेकर पटना में लगे पैस्टर, भाजपा की मंशा समझिए

बिहार में जब से भाजपा ने सम्राट चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है, तबसे राजनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है। सम्राट चौधरी को लेकर तरह-तरह की चर्चा की जा रही है। दरअसल सम्राट चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाना भी एक भाजपा का एक मास्टरस्ट्रोक कहा जा रहा है। इसका कारण यह भी है कि सम्राट चौधरी 2018 में ही पार्टी में शामिल हुए थे और इतनी जल्दी ही उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दे दी गई। लेकिन इसको लेकर तरह तरह के राजनीतिक विश्लेषण किए जा रहे हैं। हालांकि पिछले दो-तीन दिनों में जो चीज है साफ तौर पर दिखाई दे रही हैं। वह यह है कि सम्राट चौधरी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते ही कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है। यही कारण है कि कार्यकर्ता उनको लेकर तरह-तरह के नारे लगा रहे हैं। इसी कड़ी में एक पोस्टर में लिखा था बिहार का योगी आ रहा है।  इसे भी पढ़ें: Bihar: अचानक बीजेपी एमएलसी के घर पहुंचे नीतीश कुमार, आखिर क्या संदेश देने की हो रही कोशिशसम्राट चौधरी की आक्रामकता को देखकर कुछ लोग उनकी तुलना असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से कर रहे हैं। माना जा रहा है कि सम्राट चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा अब सीधे तौर पर नीतीश कुमार से चुनौती लेने जा रही है। पिछले 20 वर्षों से बिहार की गद्दी पर राज करने वाले नीतीश कुमार कि उस वोट बैंक पर काफी गहरी पकड़ है जिस समुदाय से सम्राट चौधरी आते हैं। सम्राट चौधरी दिग्गज आरजेडी नेता सकुनी चौधरी के बेटे हैं। पटना में सम्राट चौधरी को लेकर एक पोस्टर लगा था। पोस्टर में लिखा था कि बिहार का योगी आ गया सम्राट भैया, एक अणे मार्ग खाली करो, खाली करो। आपको बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री एक अणे मार्ग पर रहते हैं। इसे भी पढ़ें: Tejashwi Yadav Appear CBI | नौकरी के बदले जमीन मामले में बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव CBI के सामने हुए पेशबिहार में सम्राट चौधरी को भाजपा का भविष्य भी माना जाता है। अध्यक्ष बनने के बाद सम्राट चौधरी काफी आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। वह साफ तौर पर कह रहे हैं कि 2024 चुनाव में भाजपा 40 सीटों पर जीत हासिल करेगी। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया है कि 2025 में भाजपा भारी बहुमत से सरकार भी बनाएगी। सम्राट चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने को लेकर भाजपा की मंशा साफ रही है। आबादी के दृष्टि से तीन से 4% कुर्मी अवधिया बिरादरी बिहार में है। इनके ही दमपर नीतीश कुमार लगातार दो दशक से सीएम बने हैं। तो इसके पीछे कुशवाहा जाति की भी तकरीबन 10 फ़ीसदी आबादी का हाथ है। खुद नीतीश कुमार ने कुर्मी-कोइरी को लेकर लव-कुश समीकरण बनाया था। उसी समीकरण को अपने कब्जे में कोशिश करने में भाजपा लगी हुई है।