Bihar: लालू को कबूल नहीं हार! तेजस्वी को सीएम-सीएम बनाने के लिए आर-पार, विधायकों का हो रहा जुगाड़

बिहार की राजनीति में जबरदस्त तरीके से हलचल जारी है। इस बात की चर्चा तेज है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से एनडीए में वापसी कर सकते हैं। यह लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के लिए बड़ा झटका है। इसके साथ ही इंडिया गठबंधन के लिए भी यह बड़ा झटका है। 25 जनवरी के बाद से लगातार राजद और जदयू के बीच तनातनी की स्थिति है। विवाद तब चरम पर पहुंचा जब लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इशारों ही इशारों में ट्वीट कर नीतीश कुमार पर निशाना साधा था। यह मामला तब शुरू हुआ जब नीतीश कुमार ने परिवारवाद के बहाने बिना किसी का नाम लिए लालू परिवार पर तंज कसा था। वर्तमान की खबर के मुताबिक नीतीश कुमार को एक बार फिर से भाजपा समर्थन दे सकती है। यह लालू यादव के लिए बड़ा झटका है। इसे भी पढ़ें: भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर नजर बनाये हुये है: गिरिराज सिंहयही कारण है कि लालू यादव भी लगातार रणनीति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लालू यादव को भी सरकार बनाने के लिए महज आठ विधायकों की जरूरत है। ऐसे में राजद खेमा भी शांत नहीं है और विधायकों का जुगाड़ करने की कोशिश जारी है। सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि राजद की ओर से जीतन राम मांझी से संपर्क किया गया था जिनके पास चार विधायक है। हालांकि, मांझी दावा कर रहे हैं कि वह एनडीए के साथ है और यही रहेंगे। लेकिन दावा यह भी किया जा रहा है कि जदयू के कई विधायक नीतीश के एनडीए में लौटने से खुश नहीं है और वह पाला बदल सकते हैं। शायद इन्हीं विधायकों पर लालू यादव की नजर है।  इसे भी पढ़ें: Nitish Kumar राजनीतिक पलटी मारने और मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का नया रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैंलालू यादव किसी भी कीमत पर तेजस्वी यादव को सीएम बनाना चाहते हैं। हालांकि, तत्काल में विधायकों का जुगाड़ करना थोड़ा मुश्किल नजर आ रहा है। लेकिन जब बिहार विधानसभा फरवरी से शुरू होगी, तब शायद लालू यादव कोई बड़ा खेल कर सके। इसकी संभावना इसलिए भी ज्यादा हो रही है क्योंकि वर्तमान में विधानसभा के स्पीकर राजद कोटे से हैं। राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सूत्रों ने बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। पहले, सूत्रों ने बताया कि नीतीश कुमार रविवार को जेडी (यू)-बीजेपी गठबंधन के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं, जबकि बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी उपमुख्यमंत्री के रूप में लौटेंगे।