बजट की बड़ी बातें LIVE: ‘4 जातियों’ पर सरकार का ध्यान, जानें क्या-क्या ऐलान कर रहीं वित्त मंत्री

नई दिल्ली: वित्त मंत्री (Nirmala Sitharaman) संसद में अंतरिम बजट (Interim ) पेश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस युवा, किसान, महिला और गरीबों पर है। ये चारों प्राथमिकता में सबसे ऊपर हैं। लोकसभा चुनाव से पहले ये अंतरिम बजट है। बजट की बड़ी बातें हाइलाइट्स LIVEपीएम किसान सम्मान निधि के तहत 11.8 करोड़ किसानों को फायदावित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम किसान योजना के तहत 11.8 करोड़ किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजनाओं में से है। पीएम-किसान योजना के तहत सरकार तीन समान मासिक किस्तों में प्रति वर्ष 6,000 रुपये का वित्तीय लाभ प्रदान करती है। यह पैसा देशभर के किसान परिवारों के बैंक खातों में ‘डीबीटी’ के जरिये डाला जाता है। फरवरी 2019 में अंतरिम बजट में इसकी घोषणा की गई थी।‘रूफटॉप सोलर’ परियोजना के तहत एक करोड़ परिवार को हर महीने 300 यूनिट बिजली मुफ्त: सीतारमणवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिलने से उनकी भोजन संबंधी चिंताएं खत्म हो गयी हैं। उन्होंने लोकसभा में अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि 2014 में जब मोदी सरकार सत्ता में आई, तो भारत भारी चुनौतियों का सामना कर रहा था और सरकार ने सही तरीके से चुनौतियों पर काबू पाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल नवंबर में कहा था कि उनकी सरकार गरीब आबादी के लिए मुफ्त राशन योजना को पांच साल के लिए बढ़ाएगी।कृषि जलवायु क्षेत्रों में विभिन्न फसलों में नैनो यूरिया का उपयोग किया जाएगा: सीतारमण।मध्यम वर्ग के लिए विशेष आवास योजना लेकर आएगी सरकार, किराये के घरों, झुग्गी बस्तियों एवं चाल में रहने वाले लोगों के लिए योजना होगीः सीतारमण।मौजूदा जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में बदलने के बारे में सुझाव देने के लिए समिति का गठन होगाः सीतारमण।हम ग्रामीण आवास योजना के तहत तीन करोड़ का लक्ष्य हासिल करने के करीब हैं; अगले पांच वर्षों में दो करोड़ से अधिक घरों का निर्माण किया जाएगा : सीतारमण ।देश ने कोविड-19 महामारी की चुनौतियों पर काबू पाया, आत्मनिर्भर भारत की नींव तैयार की: वित्त मंत्रीपंच प्राण ने अमृतकाल के लिये मजबूत बुनियाद तैयार किया है , 2047 तक विकसित भारत के लिए काम कर रहे : वित्त मंत्री सीतारमण।पीएम-स्वनिधि से 78 लाख रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को लाभ मिला, पीएम विश्वकर्मा योजना ने भी लाभांवित कियाः सीतारमण।देश में 10 साल में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है, सरकार गरीबों को सशक्त बना रही: सीतारमणसाल 2014 में जब मोदी सरकार सत्ता में आई तो भारत भारी चुनौतियों का सामना कर रहा था; सरकार ने सही मायने में उनपर काबू पाया: वित्त मंत्रीमुफ्त राशन से 80 करोड़ लोगों की खाने की चिंता खत्म हुई: सीतारमण।देश के 1.4 करोड़ युवाओं को कौशल भारत मिशन का लाभ मिला है: सीतारमणजनधन खातों के जरिये प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से 34 लाख करोड़ रुपये अंतरित किये गये, इससे 2.7 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई: सीतारमण।अगले पांच साल देश के लिए अभूतपूर्व विकास का समय होगा, विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त होगाः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण।जो सुधार किये गये हैं, उससे अगला पांच साल अभूतपूर्व विकास का होगा: सीतारमणकोविड महामारी के बावजूद पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत तीन करोड़ घर मुहैया कराए गए, दो करोड़ नए घर भी परिवारों को दिए जाएंगेः सीतारमण।10 साल में 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से मुक्ति मिलीवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले 10 साल में 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से मुक्ति मिली है। उन्होंने लोकसभा में अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि गरीबी से निपटने के पिछली सरकारों के नजरिए से बेहद मामूली परिणाम मिले। सीतारमण ने कहा कि अब पारदर्शिता के आधार पर सभी पात्र नागरिकों को लाभ हस्तांतरित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिये परिवर्तनकारी सुधारों की शुरुआत की जा रही है। पीएम मुद्रा योजना के तहत 22.5 लाख करोड़ रुपये के कर्ज दिए गएवित्त मंत्री ने अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार ने पीएम मुद्रा योजना के तहत कुल 22.5 लाख करोड़ रुपये के 43 करोड़ लोन दिए हैं। सीतारमण ने अपने चुनाव पूर्व बजट में कहा कि जनधन खातों के माध्यम से 34 लाख करोड़ रुपये के डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से 2.7 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 10 साल में महिलाओं को 30 करोड़ मुद्रा योजना ऋण दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लोगों को दायरे में लाने का दृष्टिकोण सामाजिक न्याय की सच्ची और व्यापक उपलब्धि है और यही सक्रिय धर्मनिरपेक्षता है। वित्त मंत्री ने कहा कि 2010 में 20 की तुलना में आज भारत में 80 शतरंज ग्रैंडमास्टर हैं।अर्थव्यवस्था में आया सकारात्मक बदलाववित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में पिछले 10 साल में गहरा सकारात्मक परिवर्तन देखा गया है। उन्होंने अपने चुनाव पूर्व बजट में कहा कि भारत के लोग आशा और विकल्पों के साथ भविष्य की ओर देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने समावेश के सभी पहलुओं का ध्यान रखा। वित्त मंत्री ने कहा कि संरचनात्मक सुधारों, जन-समर्थक कार्यक्रमों और रोजगार के अवसरों ने अर्थव्यवस्था को नई ताकत देने में मदद की। वित्त वर्ष 2020-21 में अर्थव्यवस्था में 5.8 प्रतिशत की गिरावट के बाद 2021-22 में हमने 9.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। वित्त मंत्रालय ने अपनी नवीनतम मासिक आर्थिक समीक्षा में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था अगले तीन साल में मौजूदा 3.7 लाख करोड़ डॉलर से पांच लाख करोड़ डॉलर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी। इसमें यह भी कहा गया है कि भारत अगले छह से सात वर्षों में (2030 तक) सात लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की आकांक्षा रख सकता है।GDP का नया मतलबवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने जीडीपी को ‘गवर्नमेंट, डिवेलपमेंट और परफॉर्मेंस’ का अर्थ दिया है। समावेशी विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।चार ‘जातियों’ पर फोकसवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमें गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसान यानी अन्नदाता पर फोकस करने की जरूरत है। उनकी आकांक्षा और उनका कल्याण हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इन सभी चारों को सरकार का समर्थन मिलेगा, उनके सशक्तीकरण से देश आगे बढ़ेगा। पीएम मोदी भी इन्हें 4 जातियां बता चुके हैं जिन पर सरकार का फोकस है। 10 वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व बदलाववित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘पिछले 10 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। 2014 में, देश भारी चुनौतियों का सामना कर रहा था, सरकार ने उन चुनौतियों पर काबू पाया और संरचनात्मक सुधार किए, जन हितैषी सुधार किए गए।’ कैबिनेट ने बजट को दी मंजूरी पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने अंतरिम बजट को मंजूरी दे दी है। अब कुछ ही देर में सदन की कार्यवाही शुरू होगी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। इनकम टैक्स में मिलेगी राहत?खबरों के मुताबिक इसबार के बजट में मध्यवर्ग को भी निर्मला कुछ खुश कर सकती हैं। अगर सीधे-सीधे टैक्स लिमिट नहीं बढ़ाया जाता है तो स्टैंडर्ड डिडक्शन में कुछ छूट मिलने की उम्मीद है। चूंकि चुनाव का वक्त नजदीक है तो सरकार हर वर्ग को कुछ न कुछ दे सकती है। राष्ट्रपति ने निर्मला को खिलाई दही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंची वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दही खिलाकर स्वागत किया। किसी भी शुभ चीज से पहले भारतीय परंपरा में दही खिलाने की प्रथा रही है। वित्त मंत्री के साथ वित्त राज्यमंत्री डॉ भागवत कराड और पंकज चौधरी भी मौजूद थे। इसके अलावा वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी वहां मौजूद थे। संसद भवन पहुंचीं निर्मला, कुछ देर में अंतरिम बजटवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट का टैब लेकर संसद भवन पहुंच गई हैं। कुछ ही देर में वो अंतरिम बजट पेश करेंगी।कैबिनेट की चल रही है बैठकबजट को मंजूरी देने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक चल रही है। कुछ ही देर में अंतरिम बजट को मंजूरी दी जाएगी। वित्त मंत्री के टैब में युवाओं से लेकर किसानों और महिलाओं से लेकर गरीबों के लिए काफी कुछ निकल सकता है।संसद भवन पहुंचा अंतरिम बजट की कॉपीअंतरिम बजट की कॉपी संसद भवन लाई गई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कुछ देर में ही कैबिनेट में बजट पेश करेंगी। वहां से अनुमोदन के बाद वह संसद में अपना छठा बजट पेश करेंगी।राष्ट्रपति भवन पहुंचीं निर्मला मंत्रालय में अंतरिम बजट का आखिरी चरण का काम पूरा करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात कर निकल चुकी हैं। उन्होंने राष्ट्रपति को बजट की प्रति पेश दी। अब कैबिनेट से बजट को मंजूरी मिलेगी।जानकारों का मानना है कि आम चुनाव और कृषि क्षेत्र का कमजोर हाल देखते हुए कुछ कदम उठाए जा सकते हैं। मनरेगा के लिए आवंटन मौजूदा वित्त वर्ष के 60 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 80 हजार करोड़ रुपये किया जा सकता है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी के अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक, 20 से 24 साल के आयु वर्ग में बेरोजगारी दर 44% से ज्यादा रही।पीएम किसान सम्मान निधि का ऐलान आम चुनाव से पहले 2019 के अंतरिम बजट में हुआ था। महंगाई से पड़े असर को देखते हुए इसे 6 हजार से बढ़ाकर 8 हजार रुपये सालाना किया जा सकता है। आयुष्मान योजना में 5 लाख रुपये प्रति परिवार सालाना का बीमा कवर बढ़ाया जा सकता है। इनकम टैक्स के मोर्चे पर स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50 हजार रुपये के बजाय एक लाख रुपये किया जा सकता है।