चंडीगढ़ में बड़ा ड्रामा: मेयर चुनाव से ठीक पहले अधिकारी पड़े बीमार, AAP-कांग्रेस लाल

चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ के नगर निगम मेयर का चुनाव टाल दिया गया है। चुनाव टलने की वजह चुनाव अधिकारी अनिल मसीह का बीमार होना बताया जा रहा है। इस बारे में चंडीगढ़ के सभी पार्षदों को वॉट्सऐप के जरिए मैसेज भेजा गया था। चुनाव टलने की जानकारी मिलते ही निगम दफ्तर के बाहर कांग्रेस और आप के पार्षदों और समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। चुनाव प्रक्रिया 11 बजे शुरू होनी थी लेकिन किसी भी पार्षद को नगर निगम के बिल्डिंग के अंदर जाने नहीं दिया गया।कांग्रेस और आप ने आरोप लगाया है कि बीजेपी हार को देखते हुए चुनाव रद्द करवाना चाहती है। कांग्रेस के पूर्व सांसद पवन बंसल ने कहा कि वह इस पूरे मामले को लेकर कोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने पूरे मामले में भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया कि पार्टी चुनाव नहीं करवाना चाहती है। आम आदमी पार्टी के राज्यभा सांसद राघव चड्ढा ने भी बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि इंडिया गंठबंधन के पास बहुमत है। अपनी हार को देखते हुए बीजेपी चुनाव रद्द करना चाहती है।पक्की थी I.N.D.I.A गठबंधन की जीतबता दें कि में जीत के लिए 19 वोट चाहिए। ताजा हालातों की बात करें तो कांग्रेस और आप को मिलाकर गठबंधन के पास कुल 20 वोट हैं। बीजेपी की बात करें तो उसके पास सांसद किरण खेर का वोट मिलाकर कुल 15 वोट हैं। वीरवार को अगर कोई उलटफेर नहीं हुआ तो गठबंधन का मेयर बनना तय था।’ऑपेशन लोटस फेल’वहीं चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष हरमोहिंदर लक्की ने कहा कि चंडीगढ़ में ‘ऑपरेशन लोटस’ विफल हो गया है। बीजेपी वाले अपनी हार को महसूस कर रह हैं। वे नैतिक रूप से हार गए इसीलिए वो वोट डालने नहीं आए। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के सभी पार्षद यहां हैं हमारे वोट डालने के लिए आए थे। इससे पता चलता है कि बीजेपी ने अपनी हार स्वीकार कर ली है।बीजेपी ने आप-कांग्रेस पर लगाया आरोपआम आदमी पार्टी और कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए बीजेपी नेता और पूर्व मेयर अनूप गुप्ता ने कहा कि हमें संदेश आया है कि अनिल मसीह बीमार हो गए हैं। हमारे सारे पार्षद एक साथ वोट डालने आए थे। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, सारे अफसर भी इनके हैं तो हम चुनाव कैसे रोक सकते हैं। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने इस चुनाव को मोहल्ले का चुनाव बना दिया है।