महिला IPL की फ्रेंचाइजी के लिए लगेगी बोली, जानिए कितने में बिक सकती है एक टीम

नई दिल्ली: बीसीसीआई (BCCI) पिछले कुछ समय से महिला आईपीएल (Women IPL) की तैयारी में जुटी है। टूर्नामेंट का पहला सीजन अगले साल 5 टीमों के बीच आईपीएल से पहले खेला जा सकता है। रिपोर्ट्स की मानें तो फ्रेंचाइजी को खरीदने के लिए बीसीसीआई बेस प्राइस 400 करोड़ रखने का फैसला किया है। 2008 में जब आईपीएल की शुरुआत हुई थी तो मुंबई इंडियंस सबसे महंगी फ्रेंचाइजी थी। उससे बोर्ड को करीब 446 करोड़ रुपये मिले थे। वहीं पिछले साल लखनऊ की फ्रेंचाइजी के लिए बोर्ड को 7090 करोड़ रुपये मिले थे।

1500 करोड़ मिलने की उम्मीद

बीसीसीआई को उम्मीद है कि एक फ्रेंचाइजी से उसे एक हजार से 1500 करोड़ तक रुपये मिल सकते हैं। यानी 5 फ्रेंचाइजी से बोर्ड को 6 से 8 हजार करोड़ रुपये मिल सकते हैं। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक लीग से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा, ‘विजेता फ्रेंचाइजी पांच साल तक समान किश्तों में बीसीसीआई को राशि का भुगतान करेगी और पुरुषों के आईपीएल की तरह हमेशा के लिए टीम की मालिक बनी रहेगी।’

टूर्नामेंट में हो सकते हैं 20 लीग मैच

टूर्नामेंट में 20 लीग खेल होंगे, जिसमें टीमें एक-दूसरे से दो बार खेलेंगी। टेबल टॉपर्स को सीधे फाइनल में एंट्री मिलेगी, जबकि एलिमिनेटर में दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के बीच मुकाबला होगा। इस तरह टूर्नामेंट में कुल 22 मुकाबले करवाने की तैयारी है। प्रत्येक टीम के प्लेइंग इलेवन में अधिकतम पांच विदेशी क्रिकेटर हो सकते हैं।

बीसीसीआई ने सभी राज्य संघों को नोट भेजा है। इसमें लिखा है, ‘घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का एक अच्छा संतुलन रखने और प्रतिस्पर्धी टीमों के लिए, डब्ल्यूआईपीएल के लिए पांच टीमों का अस्थायी रूप से निर्णय लिया गया है। प्रत्येक टीम में अधिकतम अठारह खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं, जहां किसी भी टीम में छह से अधिक विदेशी खिलाड़ी नहीं हो सकते हैं।’

ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड में पहले से लीग

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में पहले से महिला लीग खेली जाती है। ऑस्ट्रेलिया में वीमेन बिग बैश लीग 2015-16 में शुरू हो गया था। इंग्लैंड में पिछले सीजन महिला द हंड्रेड की शुरुआत हुई थी। 2016 से 2019 के बीच वहां किया सुपर लीग खेली गई थी।