‘गैंगस्टर बनना ऊपरवाले की मर्जी’… भगवान और भगत सिंह की आड़ में क्या लॉरेंस बिश्नोई ने चली है नई चाल?

‘भगवान ने जो पहचान दे दी उसका बुरा नहीं मनाते’… ये शब्द है देश के सबसे बड़े गैंगस्टर के। उस गैंगस्टर के जो 9 साल से जेल में बंद है। जेल की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद जो खुलेआम टीवी चैनल को इंटरव्यू देता है और किसी को कुछ पता भी नहीं चलता। सोशल मीडिया पर छाए रहने वाले इस गैंगस्टर ने अब एक नई चाल चली है। ये चाल है टीवी के जरिए अपनी छवि सुधारने की। बिल्कुल वैसे ही जैसे पिछले इतने सालों से वो सोशल मीडिया (Social Media) को अपना हथियार बनाए हुए है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की नई चालकरीब 15 साल पहले चंडीगढ़ के कॉलेज का एक साधारण लड़का बन जाता है पंजाब का सबसे बड़ा गैंगस्टर। न सिर्फ पंजाब में बल्कि पूरे देश में वो खड़ा करता है सबसे बड़ा नेटवर्क और ये सब होता है सोशल साइट्स के जरिए। क्रिमिनल्स अपराध करके उसे छुपाते हैं, लेकिन उस अपराध को फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम (Instagram), टेलीग्राम (Telegram) जैसी सोशल साइट्स पर डाल देता और फिर इसी तरह धीरे-धीरे उसने पंजाब के युवाओं को अपनी तरफ लुभाना शुरू किया। कभी हाथ में बंदूक, कभी नारे, कभी स्टाइलिश कार युवाओं को उसका ये अंदाज पंसद आता और फिर वो उससे जुड़ते चले गए। सोशल साइट्स के जरिए लॉरेंस ने इतना बड़ा नेटवर्क तैयार कर लिया कि वो जिस अपराध को चाहे जेल में बैठकर ही अंजाम दे देता। पहले सोशल मीडिया अब टीवी को बनाया हथियारअब यही तरीका इस गैंगस्टर ने टीवी के जरिए अपनाया है। अपने इंटरव्यू के दौरान लॉरेंस ने कभी खुद को राष्ट्रवादी बताया तो कभी भगवान का भक्त। इतना ही हर बार की तरह इस बार भी ये गैंगस्टर भगत सिंह का नाम लेना नहीं भूला। युवा भगत सिंह को अपना आदर्श मानते हैं, ये बात लॉरेंस बिश्नोई को अच्छे से पता थी। वो भी ये जानता है कि उसका इंटरव्यू घर-घर तक पहुचेगा और पंजाब का बच्चा-बच्चा इस इंटरव्यू को देखेगा। तो बस लॉरेंस ने यहां भी अपना वही पैंतरा अपनाया जो वो शुरू से अपनाता है। लॉरेंस ने कहा कि वो उसके गैंग के लोग जेल में हमेशा भगत सिंह की टीशर्ट ही पहनते हैं, लेकिन जब उन्हें कोर्ट ले जाया जाता है तो उन्हें वो टीशर्ट उतारने के लिए कहा जाता है। भगत सिंह और भगवान के नाम पर पॉपुलेरिटी की कोशिशलॉरेंस बिश्नोई के गैंग में ज्यादातर युवा ही हैं और युवाओं को हमेशा इस तरह की बातें बेहद पसंद आती हैं और लॉरेंस इस बात को पूरी तरह से भूनाना चाहता था। लॉरेंस का गैंग पंजाब का सबसे बड़ा गैंग माना जाता है। गोल्डी बराड़ और काला राणा लॉरेंस के सबसे करीबियों में आते हैं। कुछ समय पहले तक तो पंजाब का दूसरा बड़ा गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया भी इन्हीं के गैंग के साथ मिलकर काम कर रहा था, लेकिन अब दोनों के बीच दुश्मनी शुरू हो चुकी है। पंजाब का बंबीहा गैंग तो पहले से ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग का दुश्मन है। ऐसे में इंटरव्यू में कही गईं इस तरह की बातें लॉरेंस के गैंग के लिए फायदे का बड़ा सौदा साबित हो सकती हैं। खुद को बताया पाकिस्तान का दुश्मनलॉरेंस बिश्नोई गैंग के ज्यादातर हथियार बॉर्डर पार पाकिस्तान से आते हैं। काला जेठाड़ी गैंग इस काम में इनकी मदद करता है, लेकिन टीवी पर जब लॉरेंस ने बोलना शुरू किया तो खुद को पाकिस्तान का सबसे बड़ा दुश्मन ही बता डाला। इतना ही नहीं इस इंटरव्यू में लॉरेंस बिश्नोई ने खुद को खालिस्तान के भी खिलाफ बताया, जबकि खालिस्तान का सबसे बड़ा समर्थक रिंडा को लॉरेंस का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है। लॉरेंस की मार्केटिंग जबरदस्त है दरअसल लॉरेंस अपनी मार्केटिंग करना बखूबी जानता है और इसी आधार पर उसने अपना इतना बड़ा गैंग भी तैयार किया है। ये इंटरव्यू भी उसकी सोची समझी साजिश थी, वो ऐसे वक्त पर जब सिद्धू मूसेवाला केस को लेकर लॉरेंस पर कार्रवाई को लेकर जबरदस्त दवाब है। पिछले साल सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या हो गई थी और इस हत्या में नाम आया था लॉरेंस बिश्नोई गैंग का। खुद लॉरेंस के दोस्त गोल्डी बराड़ ने इसकी जिम्मेदारी ली। अब मूसेवाला के मर्डर को एक साल होने वाला है। सिंगर मूसेवाला के पिता लगातार केस सीबीआई को देने की मांग कर रहे हैं तो ऐसे वक्त में ये इंटरव्यू लॉरेंस का बड़ा पैंतरा है।