G20 Summit के आयोजन से पहले नई दिल्ली के होटलों में रूम रेंट की कीमत आसमान पहुंची, तीन गुणा हुई बढ़ोतरी

दिल्ली में इन दिनों होटल इंडस्ट्री का सबसे हाईप्रोफाइल दौर चल रहा है जब कुछ ही दिनों में जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाना है। इन दिनों दिल्ली में होटल इंडस्ट्री बूम पर है। इसी का नतीजा है कि दिल्ली के होटलों का किराया आसमान छूने लगा है। जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी इस वर्ष दिल्ली में होनी है जिस कारण दिल्ली में ही कई विदेशी महमान भी ठहरेंगे। दिल्ली के कई होटलों में ही इन विदेशी मेहमानों के रुकने का इंतजाम भी किया गया है। ये होटल दिल्ली के बेहद शानदार, प्रीमियर और 5 स्टार होटल है। दिल्ली में जी20 बैठक का आयोजन नौ और 10 सितंबर को होनी है। इस शिखर सम्मेलन के मद्देनजर होटल इंडस्ट्री की मांग अधिक है। बता दें कि जिस होटल में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ठहरे हुए है उस होटल का किराया 20 लाख रुपये है। जानकारी के मुताबिक 9 और 10 सितंबर को जी20 शिखर सम्मेलन के लिए 20 देशों के हजारों प्रतिनिधियों के आगमन से होटलों की मांग बढ़ रही है। इसे देखते हुए नई दिल्ली के प्रमुख होटलों में कमरे की औसत दरें अगले सप्ताह तीन गुना हो जाएंगी, जो ₹18,000- ₹25,000 तक पहुंचने की संभावना है। होटल व्यवसायियों द्वारा कमरे के राजस्व को मापने के लिए उपयोग की जाने वाली एक प्रमुख मीट्रिक औसत दैनिक दर 7-11 सितंबर तक बढ़कर ₹26,000 हो गई, जो पिछले वर्ष के औसत ₹6,000 से चार गुना से अधिक है। एडीआर में कमरे की दरें, भोजन और पेय पदार्थ और ग्राहकों द्वारा प्राप्त अन्य सेवाएं शामिल हैं। गौरतलब है कि जी20 शिखर सम्मेलन में दुनिया की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के शीर्ष नेता आएंगे। इस दौरान हजारों अधिकारियों, पत्रकारों व अन्य आगंतुक भी आएंगे। ऐसे में होटलों में कमरों की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएंगी। इस सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन सहित दुनिया के कई सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्राध्यक्ष शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। बता दें कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अभी तक भारत सरकार से पुष्टि नहीं की है कि वह बैठक में शामिल होंगे या नहीं। एजेंसी राउटर्स ने संभावना जताई है कि शी जिनपिंग जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगे। वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन जी-20 में भाग लेने की योजना की घोषणा नहीं की है। दिल्ली के शानदार होटलों में ठहरेंगे राष्ट्राध्यक्षबता दें कि कई शीर्ष नेता क्रमश: दिल्ली के आईटीसी मौर्य और ताज पैलेस में रुकेंगे। इन दोनों होटलों ने कई राष्ट्राध्यक्षों की मेजबानी की है और ये शीर्ष नेताओं के प्रोटोकॉल से परिचित हैं। इस दौरान लीला पैलेस सऊदी प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करेगा। एयरोसिटी में जेडब्ल्यू मैरियट में भी 60 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रहेगा, और इसके लगभग 50% कमरे सम्मेलन में भाग लेने वाले लोगों बुक होंगे। लोधी और ओबेरॉय जैसे अन्य पांच सितारा होटलों से भी जी20 प्रतिनिधियों की मेजबानी की उम्मीद है।  इन होटल मालिकों को उम्मीद है कि यात्रा प्रतिबंधों की घोषणा के कारण अगले सप्ताह के दौरान कमरों की संख्या में काफी गिरावट आएगी। एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि उनका होटल जी20 इवेंट से संबंधित किसी व्यवसाय की उम्मीद नहीं कर रहा है। होटल को उम्मीद है कि गतिविधियों पर प्रतिबंध के कारण स्थानीय संरक्षण में भी कमी आएगी। भारत को इस साल दो महीने का फायदा है, जहां शीर्ष होटलों की उच्च मांग होगी। अन्यथा, मांग का पैटर्न आम तौर पर नवंबर में त्योहारी सीजन के आसपास शुरू होता है।