2024 से पहले क्या सपा-कांग्रेस के बीच बढ़ी और दूरियां? अखिलेश के अमेठी वाले इस VIP ट्वीट के क्या हैं मायने

लखनऊ : समाजवादी पार्टी (SP) अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने नेहरू-गांधी परिवार का गढ़ रहे अमेठी क्षेत्र से अगले लोकसभा चुनाव में पार्टी का उम्मीदवार उतारने के संकेत दिये हैं। इसके बाद से ही साल 2024 से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच दूरियां बढ़ती दिख रही हैं। सपा अभी तक अमेठी लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी उतारने से परहेज करती रही है। रविवार को अमेठी के दौरे पर गये अखिलेश ने सोमवार को एक ट्वीट में कहा, ”अमेठी में ग़रीब महिलाओं की दुर्दशा देखकर मन बहुत दुखी हुआ। यहां हमेशा ‘वीआईपी’ जीते और हारे हैं, फिर भी यहां ऐसा हाल है तो बाकी प्रदेश का क्या कहना। अगली बार अमेठी बड़े लोगों को नहीं, बड़े दिलवाले लोगों को चुनेगा। सपा अमेठी की दरिद्रता को मिटाने का संकल्प उठाती है।”नेहरू-गांधी परिवार का गढ़ माना जाता रहा है अमेठी अखिलेश ने ट्वीट के साथ अपने अमेठी के दौरे की कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं। अमेठी लोकसभा क्षेत्र अर्से से नेहरू-गांधी परिवार का गढ़ माना जाता रहा है। सपा यहां से अपना प्रत्याशी खड़ा करने से परहेज करती रही है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को पराजित किया था। कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के नेता अजय राय ने हाल ही में कहा था कि राहुल गांधी 2024 का लोकसभा चुनाव फिर से अमेठी से लड़ेंगे, जिसके साथ नेहरू-गांधी परिवार के पुराने संबंध हैं। रायबरेली या अमेठी विधानसभा सीट नही जीत पाई कांग्रेस राय ने इस साल की शुरुआत में राजनीतिक गढ़ में राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के वास्ते समर्थन जुटाने के लिए एक यात्रा के दौरान यह बात कही थी। राय ने कहा था कि गांधी-नेहरू परिवार के अमेठी से पुराने संबंध हैं.. इसे कोई कमजोर नहीं कर सकता। राहुल गांधी 2024 में अमेठी से चुनाव लड़ेंगे।’ राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में पुरानी पार्टी कांग्रेस लगातार सिकुड़ रही है, जहां से 80 लोकसभा सदस्य आते हैं। पिछले आम चुनाव में कांग्रेस सिर्फ सोनिया गांधी की रायबरेली सीट जीतने में कामयाब रही थी। पिछले साल उप्र विधानसभा चुनाव में, कांग्रेस रायबरेली या अमेठी संसदीय क्षेत्रों में से किसी भी विधानसभा सीट को जीतने में विफल रही थी। अमेठी विधानसभा सीट पर सपा की जीत अमेठी विधानसभा सीट पर 2022 में सपा के महाराजी प्रजापति ने भाजपा के संजय सिंह को हराकर जीत हासिल की थी। कांग्रेस के आशीष शुक्ला तीसरे स्थान पर रहे थे। वहीं, पिछली बार रायबरेली की पांच विधानसभा सीटों पर भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला था। रविवार को भी अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा था। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ईरानी का नाम लिए बगैर क्षेत्र की जनता से उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव में हराने की अपील की। यादव ने बेरोजगारी और महंगाई का हवाला देते हुए कहा था कि पहले भाजपा के लोग महंगाई पर सिलेंडर सिर पर लेकर चलते थे, 13 रुपये किलो चीनी देने की बात करते थे लेकिन आज महंगाई चरम पर है, तो इनके पास कोई जवाब नहीं है। स्मृति ईरानी पर अखिलेश यादव का तंज यादव ने अमेठी से भाजपा सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का बिना नाम लिए कहा कि सिलेंडर वाली यहीं से सांसद हैं और 2024 में होने वाले चुनाव में इन्‍हें जरूर हराएं। रविवार को अमेठी में पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की पुत्री की शादी में शामिल होने आये सपा प्रमुख यादव ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया था कि यह सरकार सपा कार्यकर्ताओं, नेताओं को साजिश के तहत फर्जी मुकदमों में फंसा रही है। उन्होंने विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल में बंद पूर्व मंत्री प्रजापति का जिक्र करते हुए कहा था कि ”गायत्री प्रसाद प्रजापति के साथ अन्याय हुआ है, इस परिवार को न्यायालय से जरूर इंसाफ मिलेगा, ऐसा मुझे पूरा भरोसा है।’