Mumbai में Auto Union ने महिला सुरक्षा के लिए शुरू की खास मुहीम ‘Touch me not’, अब बदसलूकी करने वालों की खैर नहीं

भारत में महिलाओं की सुरक्षा एक बेहद ही अहम मुद्दा है। महिलाएं खुद को कहीं भी सुरक्षित महसूस नहीं करती है। भारत के बड़े से बड़े शहर में भी महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती है। छेड़खानी, रेप जैसी घटनाओं की बढ़ती वारदातों से साफ है कि महिलाएं सुरक्षित नहीं है। ऐसे में देश भर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हमेशा ही काफी चिंता बनी रहती है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी में भी महिलाएं सुबह से लेकर रात तक काम के सिलसिले में घर से बाहर रहती है। इसी बीच मुंबई ऑटो रिक्शा मेंस यूनियन ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है।ऑटो रिक्शा यूनियन ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर शानदार शुरुआत की है। इसके चलते यूनियन ने नया सिक्योरिटी फीचर को जोड़ा है। यूनियन ने सभी ऑटो ड्राइवर्स को महिलाओं की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील बनाने का फैसला किया है। इसके साथ ही यूनियन ने महिला सुरक्षा को लेकर नई मुहिम शुरू की है जिसका नाम ‘टच मी नॉट’ है।इस संबंध में टाइम्स ऑफ इंडिया में रिपोर्ट छपी है। इस रिपोर्ट के अनुसार मुंबई में महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर ऑटो यूनियन ने ये मुहिम ‘टच मी नॉट’ की शुरुआत की है। इस मुहिम के जरिए उन महिलाओं की सुऱक्षा की जाएगी जो रोजाना शेयर्ड ऑटो में सफर करती है। इन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ड्राइवरों को ट्रेन किया जाएगा और उन्हें अधिक संवेदनशील बनाया जाएगा। इस मुहिम के जरिए ड्राइवरों को बताया जा रहा है कि अगर महिला के साथ ट्रैवल कर रहा कोई पुरुष यात्री उनके साथ दुर्व्यवहार करता है तो ऐसे यात्री को ऑटो से उतरने के लिए कहें। महिला सुरक्षा को देखते हुए ये फैसला लिया गया है।अगर कोई महिला पुरुष यात्री द्वारा किए गए दुव्यव्हार की शिकायत पुलिस से करना चाहती है तो ऑटो ड्राइवर पुलिस स्टेशन भी जा सकता है। ये जानकारी यूनियन के लीडर शशांक राव ने दी है। उन्होंने कहा कि ड्राइवरों को इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से लेने के लिए कहा जा रहा है। उन्हें बताया गया है कि महिलाओं के साथ दुव्यव्हार करने वाले पुरुष यात्रियों को गाड़ी से उतारा जाए। सुरक्षित महसूस करें महिलाएंइस मुहिम का यूनियन जोर शोर से प्रचार भी कर रही है। इसके लिए सोशल मीडिया का सहारा भी लिया जा रहा है। इस कैंपेन को ‘टच मी नॉट’ नाम दिया गया है। इस अभियान के जरिए 80 हजार ऑटो को कवर किया जाएगा जिन्हें रोज 1.6 लाख ड्राइवर चलाते है।