असम सरकार भारत में सबसे भ्रष्ट है: राहुल गांधी ; भारत जोड़ो न्याय यात्रा ने राज्य में किया प्रवेश

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि भारत में शायद ‘सबसे भ्रष्ट सरकार’ असम में है।
‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के नगालैंड से असम में प्रवेश करने के तुरंत बाद, गांधी ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की आलोचना की और कहा कि वे ‘‘नफरत फैला रहे हैं और जनता का पैसा लूट रहे हैं।’’
गांधी ने शिवसागर जिले के हालोवाटिंग में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘शायद, भारत में सबसे भ्रष्ट सरकार असम में है। हम ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान असम के मुद्दों को उठाएंगे।’’
मणिपुर के बारे में बात करते हुए गांधी ने कहा कि उस राज्य में गृह युद्ध जैसी स्थिति है।
मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जा देने की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च आयोजित किए जाने के बाद पिछले साल तीन मई को पहली बार झड़पें हुई थीं।
मणिपुर में मेइती समुदाय की आबादी लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं, जबकि आदिवासियों-नगा और कुकी समुदाय की आबादी 40 प्रतिशत है जो पर्वतीय जिलों में रहते हैं।
गांधी ने कहा, ‘‘मणिपुर बंटा हुआ है और प्रधानमंत्री ने एक बार भी राज्य का दौरा नहीं किया है। नगालैंड में, नौ साल पहले एक समझौते (नगा राजनीतिक मुद्दे का समाधान करने के लिए) पर हस्ताक्षर किए गए थे और लोग अब पूछ रहे हैं कि इसका क्या हुआ।’’
भाजपा के इस बयान पर पलटवार करते हुए कि ऐसी यात्राओं से कांग्रेस को कोई फायदा नहीं होगा, गांधी ने कहा कि पिछले साल की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ने देश के ‘‘राजनीतिक विमर्श’’ को बदल दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा और आरएसएस नफरत फैला रहे हैं और समुदायों को एक -दूसरे से लड़वा रहे हैं। उनका एकमात्र काम जनता का पैसा लूटना है।’’
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि सभी भाजपा शासित राज्य ‘‘आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक अन्याय का सामना कर रहे हैं’’ और यात्रा के दौरान इन सभी मुद्दों को उठाया जायेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने मणिपुर से ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ शुरू की और यह महाराष्ट्र तक जारी रहेगी। इस यात्रा का उद्देश्य न केवल भारत के हर धर्म और जाति को एकजुट करना है बल्कि न्याय दिलाना भी है।’’
मध्यकाल के संत श्रीमंत शंकरदेव का जिक्र करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह ‘न्याय यात्रा’ शंकरदेव की विचारधारा की यात्रा है।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने आप (लोगों) को रास्ता दिखाया, सभी को एकजुट करने का प्रयास किया और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। हम सिर्फ असम के इतिहास की नकल कर रहे हैं। ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का उद्देश्य भी यही है।’’
श्रीमंत शंकरदेव एक असमिया संत-विद्वान, सामाजिक-धार्मिक सुधारक हैं। वह असम में 15वीं-16वीं शताब्दी के सांस्कृतिक व धार्मिक इतिहास के एक महान शख्सियत हैं।
यात्रा नगालैंड से शिवसागर जिले के हालोवाटिंग होते हुए असम पहुंची। गांधी ने सुबह नगालैंड के तुली से बस यात्रा फिर से शुरू की और सुबह लगभग पौने 10 बजे असम पहुंचे।
हालोवाटिंग में सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं ने गांधी का स्वागत किया और राज्य में आठ दिवसीय यात्रा के लिए कांग्रेस की असम इकाई के नेताओं को राष्ट्रीय ध्वज सौंपा गया।
यात्रा हालोवाटिंग से फिर से शुरू हुई और शिवसागर के अमगुरी शहर से होते हुए जोरहाट की ओर बढ़ी।
सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग कतार में खड़े थे और गांधी का अभिवादन कर रहे थे। कांग्रेस सांसद के नेतृत्व में 6,713 किलोमीटर की यात्रा 14 जनवरी को मणिपुर से शुरू हुई थी और 20 मार्च को मुंबई में समाप्त होगी। असम में यह यात्रा 25 जनवरी तक जारी रहेगी।
‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ 15 राज्यों के 110 जिलों से होकर गुजरेगी।