रिश्तेदार मारते थे ‘फौजन’ वाला ताना, देश की पहली महिला स्काई डाइवर बन दिया जवाब

जींद: चार साल पहले हरियाणा के जींद जिले के धमटन साहिब की रहने वाली मंजू नैन ने ‘फौजी’ बनने की इच्छा जाहिर की। तब उनके दोस्तों और रिश्तेदारों ने ताना मारते हुए कहा था कि अगर तुम फौजी नहीं बनी तो ‘फौजन’ बन सकती हो। बाहरी दबावों को अपने सपने पर आंच नहीं आने देने के लिए मंजू ने सेना की महिला सैनिकों के पहले जत्थे में शामिल होकर इतिहास रच दिया। अब वह पहली महिला सैनिक स्काई डाइवर बन गई हैं।

सैन्य पुलिस कोर में तैनात लांस नायक मंजू ने सशस्त्र बलों के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने के लिए 10,000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई। वह हरियाणा की लड़कियों के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। वर्तमान में सेना की पूर्वी कमान के तहत तैनात, मंजू ने 15 नवंबर को असम में एक अज्ञात स्थान पर हेलीकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव से छलांग लगाकर ये उपलब्धि हासिल की।

वह 2019 में महिला सैनिकों के अपने पहले बैच के लिए हरियाणा से सेना द्वारा चुनी गई सात लड़कियों में से एक थीं। मंजू तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। उनकी बहन रीना और भाई दरबारा सिंह, दोनों स्नातक हैं और अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। मंजू की बहन रीना ने कहा कि मंजू राज्य स्तर की कबड्डी खिलाड़ी थी, लेकिन वह अपने भाई से इतनी प्रेरित थी, जो सेना में शामिल होने के लिए कड़ी मेहनत करता था। सेना ने पहली बार महिलाओं को सिपाही के पद पर भर्ती करना शुरू किया था। उसने सभी परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने के लिए कड़ी मेहनत की और 2019 में सीएमपी में शामिल हो गई। बेंगलुरु से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, मंजू को असम में तैनात किया गया था।

सभी के लिए प्रेरणा हैं मंजू
रीना ने बताया कि मंजू बहुत आत्मविश्वासी और मेहनती लड़की है, जो अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए घंटों तक बिना थके काम कर सकती है। वह जब भी गांव जाती हैं तो गांव की लड़कियों को सुबह-शाम व्यायाम के लिए साथ ले जाती हैं। वह गांव और जींद जिले में सभी के लिए एक प्रेरणा हैं।

सेना ने जारी किया वीडियोमंजू नैन ने अपने इस कारनामे का श्रेय सेना की एडवेंचर विंग से प्राप्त प्रशिक्षण को दिया। सेना के ईस्टर्न कमांड ने एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें दिखाया गया है कि मंजू ने हेलिकॉप्टर से कैसे छलांग लगाई, उनका पैराशूट कैसे खुला और कैसे उन्होंने लैंडिंग की। वीडियो में मंजू अपनी सफल लैंडिंग के बाद एक कविता सुनाती नजर आ रही हैं। पंछी ने जब जब किया अपने पंखो पे विश्वास, दूर दूर तक हो गया उसका ये अंबर ये आकाश।