अर्जेंटीना खरीद सकता चीन और पाकिस्‍तान का ‘कबाड़’ JF-17 जेट! क्या ब्रिटेन देगा मंजूरी? जानें पेंच

ब्यूनस आयर्स: दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना चीन से जेफ-17 लड़ाकू विमान खरीद सकता है। दोनों देशों के बीच जेएफ-17 डील को लेकर बातचीत आखिरी दौर में है। अभी तक अर्जेंटीना अमेरिकी हथियारों पर निर्भर था। ऐसे में इस डील को अमेरिकी बाजार में चीन की सेंध के तौर पर देखा जा रहा है। चीन में अर्जेंटीना के राजदूत सबिनो वाका नरवाजा और अर्जेंटीना के रक्षा मंत्री जॉर्ज ताइयाना ने हाल ही में ब्यूनस आयर्स में चीन के साथ रक्षा सहयोग योजनाओं पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की है। इसमें चीन से , 8×8 बख्तरबंद वाहन की संभावित खरीद और सैन्य कर्मियों का आदान-प्रदान को लेकर बातचीत हुई।चीन के साथ डील के करीब है अर्जेंटीनासाउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, वायु सेना की लंबे समय से लड़ाकू विमानों की खरीद का संभावित उम्मीदवार है। इस विमान का निर्माण चीन और पाकिस्तान एक साथ करते हैं। इस विमान की प्रतिस्पर्धा भारत के एचएएल तेजस, डेनमार्क के सेकेंड हेंड एफ-16 और रूस के मिग-35 विमान से है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वाका नरवाजा ने अर्जेंटीना की संभावित जेएफ-17 खरीद पर चर्चा करने के लिए पिछले नवंबर में चाइना नेशनल एयरो-टेक्नोलॉजी इंटरनेशनल इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। इसके अलावा, चीनी और अर्जेंटीना के प्रतिनिधियों ने संभवत विमान के सह-उत्पादन पर चर्चा की थी।तत्काल विमान खरीदने के हालात में नहीं अर्जेंटीनाहालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्जेंटीना कोई तत्काल विमान खरीद नहीं करेगा। राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज ने कहा कि उनके देश को अपने सीमित संसाधनों को सैन्य विमानों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आवंटित करना होगा। अर्जेंटीना 1982 के फ़ॉकलैंड युद्ध के बाद से अपनी सेना के पुनर्निर्माण के लिए संघर्ष कर रहा है। बाद में हथियारों की बिक्री पर अमेरिका और ब्रिटेन के प्रतिबंधों ने इसके आधुनिकीकरण को रोक दिया। इससे अर्जेंटीना की रक्षा क्षमता पर बहुत बुरा असर हुआ है। ब्रिटेन क्यों लगा सकता है अड़ंगाचीन के JF-17 में यूके निर्मित मार्टिन-बेकर इजेक्शन सीट लगी हुई है। ऐसे में अगर ब्रिटेन इजाजत देगा, तभी इस सीट के साथ जेएफ-17 विमानों का निर्यात अर्जेंटीना को किया जा सकता है। ब्रिटेन की अर्जेंटीना से पुरानी दुश्मनी है। फ़ॉकलैंड द्वीप समूह को लेकर दोनों देशों में विवाद है। इस द्वीप समूह पर अर्जेंटीना दावा करता है, लेकिन कब्जा ब्रिटेन का है। ऐसे में संभावना कम ही है कि ब्रिटेन अपनी कंपनी के लगे इजेक्शन सीट के साथ अर्जेंटीना को लड़ाकू विमान बेचने की इजाजत दे। अगर ब्रिटेन इजाजत नहीं देता है तो चीन को घरेलू इजेक्शन सीट का इस्तेमाल करना होगा, जो क्वालिटी में काफी घटिया है। ऐसे में अर्जेंटीना के पायलटों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। अर्जेंटीना वायु सेना के पास कौन-कौन से विमानमेटा-डिफेंस की एक रिपोर्ट के अनुसार, फ़ॉकलैंड युद्ध के दौरान उसके पास 240 लड़ाकू विमान थे। लेकिन, वर्तमान में इनकी संख्या काफी कम हो चुकी है। वर्तमान में अर्जेंटीना वायु सेना के पास सिर्फ 20 उन्नत A-4AR फाइटिंग हॉक्स और 10 से भी कम पम्पा 3 ट्रेनर विमान हैं। अर्जेंटीना के पास कोई भी सुपरसोनिक लड़ाकू विमान नहीं है। इसमें यह भी कहा गया है कि अर्जेंटीना ने 2000 के दशक और 2010 की शुरुआत में Kfir C1, F-16C/D, HAL तेजस और FA-50 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों को हासिल करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली।