क्या समय से पहले मैच्योर हो रही हैं लड़कियां? ये हैं इसके कारण और साइड इफेक्ट्स

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आजकल देखने को मिल रहा है कि लड़कियों में उम्र से पहले ही मैच्योरिटी के संकेत दिखाई दे रहे हैं. लड़कियों की इस मैच्योरिटी को प्यूबर्टी कहा जाता है और अब कई लड़कियों में प्यूबर्टी जल्दी देखने को मिल रही है यानी फिजिकल और हार्मोनल चेंजेंस जल्दी होने लगे हैं. ऐसे में सवाल है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है, चिंता की बात ये है कि कई रिपोर्ट्स में इसका कारण फोन को बताया गया है.

पहले आपको बताते हैं कि आखिर प्यूबर्टी होती क्या है. दरअसल, प्यूबर्टी एक ऐसा वक्त होता है, जब लड़कियों के शरीर में बदलाव होने लगते हैं और कुछ ग्रोथ दिखाई देने लगती है. इस दौरान लड़कियों की हाइट बढ़ने लगती है, प्राइवेट पार्ट्स में चेंज होने लगते हैं, स्किन में बदलाव होने लगता है, जिसमें पिंपल्स आदि शामिल है.

क्या है प्यूबर्टी का समय? बता दें कि 8 साल से 14 साल के बीच में लड़कियों में प्यूबर्टी के लक्षण दिखाई देने लगते हैं. ऐसे में अगर 14 साल तक भी बदलाव होते हैं तो टेंशन की कोई बात नहीं है, क्योंकि यह हर शरीर पर निर्भर करता है.

जल्दी प्यूबर्टी से क्या होता है? बता दें कि जल्दी प्यूबर्टी से लड़कियों में डिप्रेशन, मादक द्रव्यों के सेवन और सेक्सुअल व्यवहार में बदलाव होने लगता है.

क्या है इसके कारण- स्मार्ट गैजेट्स की वजह से छोटी बच्चियों में समय से पहले प्यूबर्टी आ रही है. कई रिपोर्ट्स में यह पता चला है कि लड़कियों में जल्द प्यूबर्टी का कारण स्मार्टफोन है. ये असर एलईडी की वजह से होता है.