अखिलेश यादव ने EVM की विश्वसनीयता पर फिर उठाए सवाल, आगामी सभी चुनाव मतपत्र से कराने की मांग की

समाजवादी पार्टी (एसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को एक बार फिर से ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए आगामी सभी चुनाव मतपत्रों के जरिये कराने की मांग की है। उन्होंने “एक्स” पर अपने एक पोस्ट में कहा, ‘टेक्नॉलजी’ समस्याओं को दूर करने के लिए होती है, अगर वही मुश्किलों की वजह बन जाए, तो उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।”अखिलेश यादव ने इसी पोस्ट में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधते हुए कहा, “आज जब विश्व के कई चुनावों में ईवीएम को लेकर गड़बड़ी की आशंका जाहिर की जा रही है और दुनिया के जाने-माने प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ (टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स) ईवीएम में हेराफेरी के खतरे की ओर खुलेआम लिख रहे हैं, तो फिर ईवीएम के इस्तेमाल की जिद के पीछे की वजह क्या है, ये बात भाजपाई साफ करें।” उन्होंने कहा, “आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर (मतपत्र) से कराने की अपनी मांग को हम फिर दोहराते हैं।”‘टेक्नॉलजी’ समस्याओं को दूर करने के लिए होती है, अगर वही मुश्किलों की वजह बन जाए, तो उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।आज जब विश्व के कई चुनावों में EVM को लेकर गड़बड़ी की आशंका ज़ाहिर की जा रही है और दुनिया के जाने-माने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स EVM में हेराफेरी के ख़तरे की ओर… pic.twitter.com/evNAIxP4RG— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 16, 2024

अखिलेश यादव पहले भी ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं। हालांकि, हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। सपा को राज्य की 80 लोकसभा सीटों में 37 और उसकी सहयोगी कांग्रेस को छह सीटों पर जीत मिली। वहीं सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 33 और सहयोगियों को तीन सीटों पर ही जीत मिली। आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के हिस्से में भी एक सीट आयी है।बता दें कि मुंबई पुलिस ने शिवसेना शिंदे गुट के सांसद रविन्द्र वायकर के साले के खिलाफ केस दर्ज किया है। मुंबई पुलिस ने यह एफआईआर लोकसभा चुनाव की मतगणना वाले दिन गोरेगांव चुनाव सेंटर के अंदर पाबंदी होने के बावजूद मोबाइल का इस्तेमाल करने के आरोप में दर्ज किया है। इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए हैं। इस घटना के बाद ईवीएम पर नए सिरे से विवाद खड़ा हो गया है।