तवांग के बाद अब डोकलाम में दिखी चीन की हिमाकत, सीमा के नजदीक बनाया नया पुल, बढ़ सकता है तनाव

बीजिंग: तवांग में सैन्य झड़प के बीच चीन ने डोकलाम के पास एक पुल का निर्माण किया है। यह पुल उस जगह के करीब बनाया गया है, जहां 2017 में भारत और चीन के बीच विवाद हुआ था। 73 दिनों तक चले गतिरोध के बाद दोनों देशों ने अपनी सेनाओं को विवादित जगह से पीछे हटाया था। चीन अभी भूटान की जमीन पर कब्जा कर रहा है। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने डोकलाम के आसपास के इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है। भारी हथियारों को स्टोर करने के लिए अंडरग्राउंड सुरंगें बनाई गई हैं। आशंका है कि चीन ने 2017 के मुकाबले इस इलाके में अपनी सैन्य ताकत को लगभग दोगुना कर लिया है।

चीन ने डोकलाम में बनाया नया पुल

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने डोकलाम में विवादित इलाके के पास एक नए पुल का निर्माण किया है। इतना ही नहीं, चीन ने डोकलाम के आसपास के इलाकों में कई नई सड़कें भी बनाई है। रिपोर्ट में अमेरिकी अंतरिक्ष फर्म प्लैनेट लैब्स पीबीसी से ली गई सैटेलाइट तस्वीरों से भी खुफिया जानकारी की तस्दीक की गई है। भारत-भूटान-चीन ट्राई जंक्शन से लगभग 9 किलोमीटर दूर भूटानी क्षेत्र में चीन अपने विस्तार को जारी रखे हुए है। चीन ने 2020 में भूटानी इलाके में पंगडा गांव स्थापित किया था। 2021 में इस गांव का विस्तार देखा गया था।

सीमा के नजदीक गांवों को तेजी से बसा रहा चीन

रिपोर्ट में नई सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर बताया गया है कि हाल में ही इस गांव के दक्षिण इलाके में काफी डेवलपमेंट देखने को मिला है। चीन ने इस इलाके में एक नदी पर पुल का भी निर्माण किया है। साथ-साथ कई नई इमारतों को भी बनाया है। हाल की तस्वीरें डोकलाम के दक्षिण में और अधिक जमीन पर चीनी कब्जे को दिखा रही हैं। सीमा से लगभग 20 किमी दूर चीन भूटानी क्षेत्र में लैंगमारपो कहे जाने वाले नए गांवों के समूहों को बसा रहा है। इनमें से कई निर्माणाधीन हैं। साइबुरु, चैतांगशा और कुले क्षेत्रों में चीन तेजी से इन गांवों का निर्माण कर रहा है।

क्या है भारत की टेंशन

डोकलाम में चीन के निर्माण से भारत की सबसे बड़ी चिंता सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा की है। इसे चिकन नेक के नाम से भी जाना जाता है। यह एक संकरा गलियारा है जो अपने सबसे पतले इलाके में केवल 22 किमी तक ही फैला है। यह गलियारा पूर्वोत्तर के राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। आशंका है कि डोकलाम के जरिए चीन पूर्वोत्तर भारत से संपर्क काटने के लिए सिलीगुड़ी कॉरिडोर को निशाना बना सकता है।