राहुल-प्रियंका के बाद पायलट सबसे बड़े नेता…राजेंद्र गुढ़ा ने तारीफ में पढ़े कसीदे

राजस्थान में चुनावी सरगर्मियों के बीच जहां तमाम पार्टी जीत के लिए दिन- रात एक कर रही है. वहीं कांग्रेस में आपसी फूट साफ नजर आ रही है. सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट गुट के नेता एक दूसरे पर लगातार आरोप- प्रत्यारोप कर रहे है. राजस्थान सरकार में मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने एक बार फिर सचिन पायलट की खुलकर तारीफ की है. पायलट के समर्थन में उन्होंने यहां तक कह दिया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बाद सचिन पायलट भारत के सबसे लोकप्रिय नेता है. युवाओं में उनको लेकर खासा क्रेज हैं.
मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि प्रदेश की जनता सीएम के रूप में सचिन को देखना चाहती है. उन्होंने कहा कि एक ओर राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा चल रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस के अध्यक्ष का चुनाव चल भी रहा है. लेकिन युवाओं में सचिन को लेकर अलग क्रेज है. एक दिन पहले राजेंद्र गुढ़ा ने कहा था कि वे चट्टान की तरह सचिन पायलट के साथ खड़े हैं और इसका रिजल्ट आएगा. गुढ़ा ने पायलट को सीएम बनाने की भी पैरवी की थी.
पायलट की खुलकर तारीफ, विरोधियों पर निशाना
राजेंद्र गुढ़ा ने पायलट का विरोध करने वालों को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा था कि पायलट का विरोध वो ही लोग कर रहे हैं, जिनको डर है है कि पायलट यदि कुर्सी पर बैठ जाएंगें, तो उनकी बेवफाई को याद पायलट रखकर काम करेंगे. उन्होंने कहा कि पन्नाध्याय का जो राजपूत समाज पर अहसान है, उसका जब भी अवसर मिलता है, वे अहसान चुकाने का पूरा प्रयास करते है.
मेरा साथ 10-20 एमएलए चलते हैं- गुढ़ा
गुढ़ा यहीं नहीं रुके थे. उनके अनुसार वो जहां भी जाते है उनके साथ 10-20 एमएलए जाते हैं.उन्होंने कहा था, सचिन सीएम पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार है. उनको कोई रोक नहीं सकता.हो सकता है कि चार-पांच दिन का समय लग जाए लेकिन रिजल्ट जरूर आएगा. इसलिए मैं विश्वास दिलाता हूं कि दुनिया इधर की उधर हो जाए लेकिन मैं सच्चाई का साथ देने से पीछे नहीं हटूंगा.
पायलट को भी ‘अभिमन्यु’ की तरह छला गया
मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने 4 अक्टूबर को बिना नाम लिए अशोक गहलोत और खास नेताओं पर हमला बोला था. राजेंद्र गुढ़ा ने आरोप लगाया था कि सचिन पायलट को सभी ने महाभारत के अभिमन्यु की तरह छल से घेर लिया है. उन्होंने गहलोत सरकार से पूछा था जब पांच लोग जब मंत्री बनाए जा सकते हैं तो सचिन पायलट क्यो क्यों मुख्यमंत्री नहीं बन सकते?