14 के बाद 24… 10 साल बाद फिर मोदी बुलंदशहर से करेंगे लोकसभा चुनाव का शंखनाद, सियासी मायने समझिए

नई दिल्ली: राम मंदिर उद्घाटन के बाद बीजेपी ने लोकसभा चुनाव की तैयारियां और तेज कर दी है। बीजेपी का टारगेट इस बार 400 पार का है और इस लक्ष्य को पाने के लिए पीएम मोदी के चेहरे के साथ पार्टी आगे बढ़ रही है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर एक आम कार्यकर्ता तक चुनावों की तैयारी में जुटा है और पार्टी पीएम मोदी को इस चुनाव के लिए भी गेम चेंजर मान रही है। पीएम मोदी भी लोकसभा चुनाव को लेकर पूरी तैयारी में जुट गए हैं। पीएम मोदी गुरुवार से यूपी के बुलंदशहर से चुनावी शंखनाद करने जा रहे हैं। इससे पहले 2014 में भी नरेंद्र मोदी ने बुलंदशहर से ही लोकसभा चुनावी बिगुल फूंका था। बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में बंपर वोटों से शानदार जीत हासिल की थी। बीजेपी को यूपी में रिकॉर्ड सीटें मिली और पार्टी 2024 में उस रिकॉर्ड को भी तोड़ना चाहती है।बीजेपी का गढ़ है बुलंदशहरउत्तर प्रदेश का बुलंदशहर जिला बीजेपी का गढ़ माना जाता है, वर्तमान समय में यहां की सातों विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा है। पंचायत अध्यक्ष समेत दोनों सांसद भी बीजेपी से ही हैं। गुरुवार को होने वाली जनसभा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुलंदशहर के सदर तहसील के नेटला हसनपुर गांव में संबोधित करेंगे। इस दौरान वह कई परियोजनाओं की सौगात देंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वोटरों को 2024 में बीजेपी की सरकार बनाने के लिए केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार की योजनाओं के बारे में बताएंगे। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार बुलंदशहर आ रहे हैं। बीजेपी कार्यकर्ताओं का जोश काफी हाई है।2014 में यूपी से बीजेपी को मिली बंपर सीटें 2014 का पूरा चुनाव मोदी बनाम अन्य था। बीजेपी सभी राज्यों में सिर्फ और सिर्फ मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ रही थी। मोदी की छवि को चमकाने के लिए काफी पहले से गुजरात मॉडल का जिक्र किया गया। दावा किया गया कि मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए वहां काफी विकास किया है। इसी छवि से जुड़ते नारे ‘अबकी बार मोदी सरकार’, ‘अच्छे दिन आएंगे’ भी लाए गए। देश के सबसे बड़े सूबे और राजनीतिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में मोदी लहर पर सवार बीजेपी को प्रचंड जीत हासिल हुई थी। यूपी में कुल 80 सीटों में से बीजेपी ने अकेले 71 सीटों पर जीत दर्ज की और उसके सहयोगी अपना दल ने भी 2 सीटों पर जीत हासिल की। सत्ताधारी एसपी के खाते में 5 सीटें गईं और बीएसपी का सूपड़ा साफ हो गया। इस चुनाव में प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी वाराणसी और वडोदरा दोनों सीटों से जीत गए थे। वाराणसी में उन्होंने केजरीवाल को 3 लाख वोटों से हराया था। लोकसभा चुनाव के बाद भी यूपी में बीजेपी का विजय रथ नहीं रुका और 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भी 312 सीटें जीतकर बीजेपी ने बहुमत की सरकार बनाई।2019 में ताजनगरी से चुनावी कैंपेन शुरू किया थाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 जनवरी, 2019 को उत्तर प्रदेश के आगरा से लोकसभा चुनाव 2019 के लिए एनडीए के चुनाव अभियान की शुरुआत की थी। यूपी की राजनीति के लिहाज से 2019 का लोकसभा चुनाव बेहद अहम रहा था, इस चुनाव में पहली बार बीजेपी को कड़ी टक्कर देने के लिए प्रदेश की दो सबसे बड़ी दल सपा-बसपा ने हाथ मिला लिया था। शायद ही किसी ने सोचा होगा कि मायावती और अखिलेश कभी एक साथ एक मंच पर आएंगे। लेकिन यूपी में बीजेपी की ऐसी आंधी चली कि गठबंधन हवा हो गया। वहीं कांग्रेस का तो बुरा हाल हो गया था। 2019 में बीजेपी के समीकरण के आगे विपक्षी दलों के सारे दांव पेच फेल हो गए थे। बीजेपी ने 78 सीटों पर चुनाव लड़ा था जिसमें से 62 सीटों पर पार्टी कमल खिलाने में कामयाब हो गई। पीएम मोदी देंगे बड़ी सौगात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को बुलंदशहर में 10,141 करोड़ की लागत से बने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (डीएफसीसीआईएल) के ईस्टर्न कॉरिडोर के 181 किमी लाइन का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री न्यू खुर्जा स्टेशन से मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। कॉरिडोर का यह हिस्सा बुलंदशहर के न्यू खुर्जा से हरियाणा के न्यू रेवाड़ी स्टेशन के बीच है। इनमें ग्रेनो के न्यू बोड़ाकी और न्यू दादरी स्टेशन भी शामिल हैं। न्यू खुर्जा से न्यू रेवाड़ी के बीच कॉरिडोर के कुल छह स्टेशन हैं। इनमें ग्रेटर नोएडा के न्यू बोड़ाकी व न्यू दादरी स्टेशन भी हैं। इनके अलावा न्यू फरीदाबाद, न्यू पृथला, न्यू तावडू और धारूहेड़ा स्टेशन भी शामिल हैं। खुर्जा से बोड़ाकी के बीच दूरी 46 किमी और दादरी से रेवाड़ी स्टेशन की दूरी 135 किमी की है। कॉरिडोर पर डबल डेकर ट्रेन चलती है, जो 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकती है।