क्‍या अडानी को मिलने जा रही करोड़ों की धारावी वाली जमीन? जान लीजिए सच्चाई

नई दिल्‍ली: पर सवाल उठ गए हैं। यह प्रोजेक्‍ट करोड़ों रुपये का है। हालांकि, परियोजना में अडानी समूह को जमीन का ट्रांसफर शामिल नहीं है। सूत्रों ने इस बारे में स्थिति साफ की है। उन्‍होंने बताया है कि परियोजना में भूमि का हस्तांतरण महाराष्ट्र सरकार के विभागों को किया जाना है। अहमदाबाद का समूह सिर्फ परियोजना डेवलपर के रूप में मकान बनाएगा। ये उन्हीं विभागों को सौंपे जाएंगे। बाद में इन घरों का आवंटन एशिया की सबसे बड़ी झोपड़-पट्टी के निवासियों को किया जाएगा।दरअसल, सांसद वर्षा गायकवाड़ ने इस मामले में भूमि हड़पने का आरोप लगाया है। इन आरोपों पर परियोजना से जुड़े सूत्रों ने कहा कि जमीन के टुकड़े सिर्फ राज्य सरकार के आवास विभाग के धारावी पुनर्विकास परियोजना/स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (डीआरपी/एसआरए) को ट्रांसफर किए जाने हैं।अडानी समूह ने खुली अंतरराष्ट्रीय बोली में धारावी स्लम पुनर्विकास परियोजना हासिल की थी। समूह अपनी संयुक्त उद्यम कंपनी धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट प्राइवेट लि. (डीआरपीपीएल) के जरिये आवास और वाणिज्यिक स्थान बनाएगा और उन्हें फिर से डीआरपी/एसआरए को सौंप देगा।पर‍ियोजना पर गलतफहमी परियोजना पर गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश करते हुए सूत्रों ने कहा कि निविदा के अनुसार, भूमि सरकार की ओर से तय दरों पर डीआरपी/एसआरए को आवंटित की जाएगी।इस मामले में जहां डीआरपीपीएल को विकास अधिकार मिला हैं, राज्य समर्थन समझौता, निविदा दस्तावेज का हिस्सा है। यह स्पष्ट रूप से कहता है कि राज्य सरकार अपने स्वयं के डीआरपी/ एसआरए विभाग को भूमि देकर परियोजना का समर्थन करेगी।रेलवे भूमि के आवंटन के मुद्दे पर जहां धारावी के निवासियों के पहले सेट की पुनर्वास इकाइयां बनाई जानी हैं, सूत्रों ने कहा कि इसे निविदा से पहले ही डीआरपी को आवंटित किया गया था। इसके लिए डीआरपीपीएल ने प्रचलित दरों पर 170 फीसदी के भारी प्रीमियम का भुगतान किया है।क‍िसी को नहीं न‍िकाला जाएगा इन आरोपों को सूत्रों ने खारिज किया कि धारावीवासियों को धारावी से बाहर निकाल दिया जाएगा और बेघर कर दिया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि ये बातें पूरी तरह से काल्पनिक हैं। सरकार के 2022 के आदेश में यह शर्त रखी गई है कि धारावी के प्रत्येक निवासी (पात्र या अपात्र) को एक घर दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि डीआरपी/एसआरए योजना के तहत किसी भी धारावीवासी को विस्थापित नहीं किया जाएगा।एक जनवरी, 2000 को या उससे पहले मौजूद मकानों के धारक यथास्थान पुनर्वास के पात्र होंगे। एक जनवरी, 2000 से एक जनवरी, 2011 के बीच मौजूद लोगों को धारावी के बाहर मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में कहीं भी पीएमएवाई के तहत सिर्फ 2.5 लाख रुपये में या किराये के माध्यम से घर आवंटित किए जाएंगे।